खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय ने कुछ समय पूर्व एक उत्पादन लिंक्ड प्रोत्साहन योजना बनाई थी। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हेतु बनाई गई इस योजना के लिए सरकार द्वारा विस्तृत दिशानिर्देश जारी कर दिए गए हैं। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने लाभार्थियों के लिए ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया।
यह केंद्रीय योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शुरू की गई है। इसे 2021–22 से 2026–27 के बीच लागू किया जाएगा तथा इसका कुल परिव्यय ₹10900 करोड़ होगा। इस योजना का उद्देश्य भारत के प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए भारत को वैश्विक खाद्य विनिर्माण चैंपियन बनाना है। साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में भारतीय खाद्य उत्पादों को समर्थन प्रदान करती है।
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय आवेदकों की तीन श्रेणियों से योजना के तहत बिक्री आधारित प्रोत्साहन और अनुदान प्राप्त करने के लिए आवेदन आमंत्रित कर रहा है:
- प्रथम श्रेणी में आवेदक बड़ी संस्थाएं होंगी जो बिक्री और निवेश मानदंड के आधार पर प्रोत्साहन के लिए आवेदन कर सकते हैं। इस श्रेणी के तहत आवेदक विदेश में भी ब्रांडिंग और मार्केटिंग गतिविधियों कर सकते हैं। वे एक आम आवेदन के माध्यम से अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- द्वितीय श्रेणी में लघु और मध्यम उद्यम आवेदक होंगे जो नवीन अथवा जैविक उत्पादों का निर्माण करते हैं। ऐसे आवेदक बिक्री के आधार पर PLI प्रोत्साहन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
- तृतीय श्रेणी में विदेशों में ब्रांडिंग और विपणन गतिविधियों के लिए अनुदान के लिए आवेदन करने वाले आवेदक होंगे।
इस योजना हेतु आवेदक मालिकाना फर्म या साझेदारी फर्म, सीमित देयता भागीदारी (LLP), भारत में पंजीकृत कंपनी, सहकारिता अथवा लघु एवं मध्यम उद्यम हो सकते हैं। योजना के तहत बिक्री आधारित प्रोत्साहन को आधार वर्ष से अधिक बिक्री पर 2021-22 से 2026-27 तक छह वर्षों के लिए भुगतान किया जाएगा। वृद्धिशील बिक्री की गणना के लिए आधार वर्ष पहले 4 वर्षों के लिए 2019-20 होगा। 5 वें और 6 वें वर्ष के लिए, आधार वर्ष क्रमशः 2021-22 और 2022-23 होगा।
बिक्री में आवेदकों द्वारा निर्मित खाद्य उत्पादों की बिक्री और साथ ही इसके सहायक और अनुबंध निर्माताओं द्वारा निर्मित उत्पाद शामिल होंगे। आवेदकों को विदेशों में ब्रांडिंग और विपणन पर खर्च का 50% विस्तारित किया जाएगा, जो खाद्य उत्पादों की बिक्री का अधिकतम 3% या प्रति वर्ष 50 करोड़ रुपये, जो भी कम हो, के अधीन होगा। विदेश में ब्रांडिंग के लिए न्यूनतम खर्च पांच साल की अवधि में 5 करोड़ रुपये होगा।
पात्रता की शर्तों, न्यूनतम निवेश, चयन मानदंड, प्रोत्साहन के पैमाने आदि के बारे में विवरण परिचालन दिशानिर्देशों में शामिल हैं जिन्हें इस लिंक से पढ़ा जा सकता है। आवेदकों से प्रस्ताव केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त किए जाएंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 17.06.2021 शाम 5:00 बजे तक है।
