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रक्षा स्टाफ के प्रमुख (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने रविवार को कहा कि सरकार ने रक्षा सुधारों को सुनिश्चित करने के लिए एफडीआई में वृद्धि की है। देश के सैन्य उद्योग का स्वदेशीकरण करने और रक्षा गलियारों को आकार देने के लिए सीडीएस ने रक्षा सुधारों का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के सैन्य उद्योग का स्वदेशीकरण करने के लिए सभी मुद्दों का समन्वय किया है। हम पूरी तरह से सरकार का नजरिया अपनाकर काम कर रहे हैं। इसीलिए सैन्य हथियार, गोला-बारूद और उपकरणों के निर्माण का स्वदेशीकरण किये जाने के प्रयासों के तहत ऐसे कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने पर ख़ुशी जताते हुए कहा कि अब हम समय पर अपनी योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करेंगे।
जनरल बिपिन रावत ने कहा कि रक्षा में अनुसंधान और विकास एक अलग नजरिये का गवाह होगा, जहां अब समय और कीमत की लागत से बचा नहीं जा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्षा उद्योग के निजी क्षेत्र में जाने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। एफडीआई से तकनीक हस्तांतरण और रक्षा गलियारों का सही मायनों में विकास होगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि रक्षा उद्योग को भी सही संदेश मिलेगा कि वह अब पहले की तरह कारोबार नहीं करेगा, बल्कि अब उसकी कीमत भी होगी।
 
दरअसल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को रक्षा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 74 प्रतिशत करने का ऐलान किया था। उन्होंने रक्षा क्षेत्र पर आयात निर्भरता को समाप्त करने के लिए घरेलू रक्षा उद्योग से अधिग्रहण के लिए एक अलग बजट के प्रावधान की भी घोषणा की थी।  

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By udaen

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