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इन कपल्स ने मिलकर खड़ी की अपनी कंपनी, आज कर रहे हैं बेहतर व्यवसाय

देश के स्टार्टअप इकोसिस्टम में ये युगल बराबर साथ निभाते हुए अपने उद्यम को आगे ले जा रहे हैं। इस दौरान सामने आने वाली हर परिस्थितियों का सामना करते हुए इन्होने अपने उद्यम को एक मुकाम तक पहुंचाया है।

स्टार्टअप के क्षेत्र में ये युगल बहतेरीन काम कर रहे हैं।
स्टार्टअप के क्षेत्र में ये युगल बहतेरीन काम कर रहे हैं।


देश का स्टार्टअप इकोसिस्टम लगातार बेहतर होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है और यही कारण भी है कि देश में स्टार्टअप बड़ी संख्या में विकसित हो रहे हैं। इन स्टार्टअप को शुरू करने वाले उद्यमियों में से कई युगल भी हैं, जिन्होने अपने निजी रिश्तों की नींव के साथ आगे बढ़ते हुए उद्यम को भी नई ऊंचाई तक पहुंचाया है।

यहाँ हम ऐसे ही कुछ स्टार्टअप्स की बात कर रहे हैं, जिन्हे युगल द्वारा शुरू किया गया और वे सफल उद्यम बन कर उभरे।

वेडमीगुड (WedMeGood)

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साल 2010 में एक कंपनी में इंटर्नशिप के दौरान हुई आनंद शाहनी और महक शाहनी की मुलाक़ात प्यार के रास्ते आगे बढ़ते हुए शादी के बंधन तक पहुंची। आनंद और महक ने मिलकर साल 2014 में वेडमीगुड नाम का वेडिंग प्लानिंग पोर्टल शुरू किया, जिसका उद्देश्य लोगों के लिए शादियों के आयोजन को सरल बनाना था।

बीते साल कंपनी ने 2.6 मिलियन डॉलर का निवेश भी अर्जित किया था। वेडमीगुड का दावा है कि वह देश भर में 30 हज़ार से अधिक वेंडर के साथ काम कर रही है। ये सभी शादी के आयोजन से जुड़े विभिन्न हिस्सों जैसे आयोजन स्थल, फोटोग्राफर, ड्रेस डिजाइनर और मेकअप आर्टिस्ट समेत अन्य सभी जरूरी सुविधाओं की पूर्ति करते हैं।

इंडस्ट्री एक्स्पर्ट्स की मानें तो देश में वेडिंग प्लानिंग का बाज़ार 1 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक का है और यह सालाना 25 फीसदी की दर से विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र में शादीसागा, वेडिंग ब्रिगेड और बॉलीवुड शादी जैसी अन्य कंपनियाँ भी इस क्षेत्र में अपने व्यापार को आगे ले जाने का काम कर रही हैं।

कैशकरो (CashKaro)

रोहन भार्गव और स्वाति भार्गव, संस्थापक, कैशकरो
रोहन भार्गव और स्वाति भार्गव, संस्थापक, कैशकरो


लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई के दौरान स्वाति भार्गव और रोहन भार्गव पहली बार मिले और आगे बढ़ते हुए दोनों ने साल 2013 में कैशकरो की स्थापना की। कैशकरो की सफलता से पहले दोनों ने विदेशों में कैशबैक इंडस्ट्री को सफल होते हुए देखा और फिर अपने देश वापस आकर यह स्टार्टअप शुरू किया।



कैशकरो प्लेटफॉर्म ग्राहक को सीधे रिटेलर तक पहुंचता है, जिसके बदले में रिटेलर कंपनी को कमीशन देता है, फिर कैशकरो ग्राहक को कुछ हिस्सा कैशबैक के तौर पर देता है और बचा हुआ हिस्सा कंपनी के मुनाफे में जाता है।

यूके के निवेशक द्वारा 7 लाख 50 हज़ार डॉलर के निवेश के साथ शुरू हुई यह कंपनी अब तक 46 लाख डॉलर का निवेश अर्जित कर चुकी है। कैशकरो आज भारत के कैशबैक इंडस्ट्री का नेतृत्व कर रही है।

चुंबक (Chumbak)

शुभ्रा चड्ढा और विवेक प्रभाकर, संस्थापक, चुंबक
शुभ्रा चड्ढा और विवेक प्रभाकर, संस्थापक, चुंबक


दंपती विवेक प्रभाकर और शुभ्रा चड्ढा ने अपने सपनों को आगे ले जाने के लिए अपने अपार्टमेंट को बेंच दिया और दोनों ने मिलकर साल 2010 में चुंबक की स्थापना की। यह स्टार्टअप लोगों को दैनिक जीवन से जुड़ी डिजाइनर एसेसरीज़ मुहैया उपलब्ध कराता है।

साल 2019 में कंपनी देश के 17 शहरों में अपने 47 स्टोर खोल चुकी थी। चुंबक के उत्पादों को आज देश में लोग पसंद कर रहे हैं और यही कारण है कि कंपनी का व्यवसाय बड़ी तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। बीते साल मई में चुंबक ने सिरीज़ डी राउंड में 70 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई थी।

चुंबक अपने ऑफलाइन व्यापार की ओर भी आगे बढ़ते हुए देश के अन्य शहरों में अपने स्टोर खोलने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

आप का पेंटर (AapKaPainter)

आपका पेंटर के संस्थापक अनुपम सिंह चौहान और दिव्या राघवन
आपका पेंटर के संस्थापक अनुपम सिंह चौहान और दिव्या राघवन


अनुपम ने साल 2015 में आप का पेंटर की शुरुआत की और तब दिव्या उन्हे पुणे से रिमोटली सपोर्ट कर रही थीं। साल 2016 में दिव्या ने अनुपम को जॉइन किया और उसी साल दोनों शादी के बंधन में भी बंध गए।

दोनों की पहली मुलाक़ात साल 2009 में हुई जब दोनों इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत कॉलेज में मिले थे। पढ़ाई के बाद अलग-अलग कंपनियों के लिए काम करते हुए अनुपान और दिव्या खुद का कुछ शुरू करना चाहते थे और एक दिन घर पेंट कराते समय सामने आम समस्याओं को देखते हुए दिव्या को इस क्षेत्र में लोगों को सुविधा उपलब्ध कराने का विचार आया।



आप का पेंटर देश के पेंट सेवा बाज़ार पर नज़र रखते हुए बेंगलुरु, मुंबई, पुणे और हैदराबाद जैसे शहरों में अपनी सेवाएँ लोगों को उपलब्ध करा रहा है। कंपनी देश के अन्य शहरों में भी अपना विस्तार करने की ओर बढ़ रही है।

समोसा सिंह (Samosa Singh)

समोसा सिंह के संस्थापक शिखर और निधि सिंह
समोसा सिंह के संस्थापक शिखर और निधि सिंह


समोसा सिंह की स्थापना करने वाले दंपती शिखर सिंह और निधि सिंह ने लोगों के बीच समोसे को लोगों के बीच नए फ्लेवर्स के साथ पेश कर अपनी कंपनी को अलग मुकाम तक पहुंचाया। दोनों पहली बार कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में मिले, जहां वे बायोटेक की पढ़ाई कर रहे थे। शिखर साल 2009 में बायोकॉन के साथ बतौर साइंटिस्ट जुड़े और एक साल बाद ही दोनों ने शादी कर ली।

साल 2015 में दोनों ने समोसा सिंह को शुरू करने को लेकर हामी भरी, हालांकि यह यात्रा कतई आसान नहीं रही। शुरुआती निवेश इकट्ठा करने के लिए दोनों ने अपने फ्लैट को बेंच दिया। समोसा सिंह 2020 की शुरुआत में सिरीज़ ए राउंड के तहत 27 लाख डॉलर का निवेश जुटाया है।

आज समोसा सिंह रोजाना 25 हज़ार ऑर्डर की पूर्ति कर रहा है। कंपनी देश के अन्य शहरों में अपने ऑपरेशन को ले जाने की नीति के अनुसार आगे बढ़ रही है। गौरतलब है कि कंपनी साल 2017 से ही मुनाफे के साथ आगे बढ़ रही है। देश का फूड मार्केट 193 अरब डॉलर का है और समोसा सिंह इस बाज़ार पर अपनी पैनी नज़र बना कर रखे हुए हैं।



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By udaen

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