पांडव नृत्य व कृष्ण लीला मंचन देख भावविभोर हुए दर्शक
सोमवार शाम की सांस्कृतिक संध्या का निम के पूर्व प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने उद्घाटन किया। निम के प्राचार्य कर्नल अमित बिष्ट ने भी जिला पंचायत और लोक कलाकारों के प्रयासों की सराहना की। इस बीच लोक गायक महेंद्र सिंह चौहान ने जौनसारी व जौनपुरी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति देकर रर्वाइं संस्कृति की झलक पेश की। इसके बाद संवेदना समूह के कलाकारों ने ‘नरु बिजोरा’ नाटक का सजीव मंचन किया।
मेले के आठवें दिन मंगलवार को विजय सिंह रावत ने ‘’मेरी मनोली’, ‘डास्यूं छन्यों मां’, ‘मेरु पहाड़’ बाजूबंद आदि गीतों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरूआत की, जबकि दिव्या पंवार ने मां भगवती की स्तुति के साथ ही ‘मेरु उत्तराखंड दुनिया से महान’, ‘मेरु हिमवंति कू देश’, ‘मुल मुल्मा तेरी हंसी’ आदि गीतों की प्रस्तुति देकर रंग जमा दिया। इसके बाद जगदेई कला मंच के कलाकारों ने पांडव नृत्य व कृष्ण लीला की मनमोहक प्रस्तुति दी। महाभारत के युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण के गीता के उपदेश पर आधारित इस नृत्य नाटिका को देखकर सभी मेलार्थी भावविभोर हो गए। इसके अतिरिक्त विकासखंड थत्यूड़ के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति व कामर गांव के गढ़वाली फैशन शो आदि कार्यक्रमों ने भी दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, उपाध्यक्ष कविता परमार, सदस्य पूनम थपलियाल, जयमाला रौतेला, प्रदीप भट्ट, प्रदीप कैंतुरा, मनीष राणा, शिवरतन रावत, नागदत्त, राजाराम भट्ट आदि अनेक मौजूद रहे
