एम्स के हृदय रोग विभाग में कैथ लैब का शुभारंभ करते निदेशक प्रो. रविकांत।ऋषिकेश। नीति आयोग की टीम ने मंगलवार को एम्स में देश की पहली एजोरियन मॉडल कैथ लैब का शुभारंभ किया। आयोग के सदस्य व टीम के प्रमुख डॉ. वीके पॉल, एम्स दिल्ली के ईएनटी विभागाध्यक्ष डॉ. सुरेश कुमार शर्मा ने लैब का शुभारंभ किया। इससे एम्स में बच्चों से लेकर वयस्कों तक के हृदय में जन्मजात छेद का दूरबीन विधि से इलाज हो सकेगा।
हृदय रोग विभागाध्यक्ष डॉ. भानु दुग्गल ने बताया कि संस्थान में अब तक रेडियोलॉजी व कॉर्डियोलॉजी की संयुक्त कैथ लैब कार्य कर रही थी, लेकिन अब अलग लैब होने के कारण इलाज काफी आसान हो जाएगा। इस अवसर पर संस्थान के डीन एकेडमिक प्रो मनोज गुप्ता, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. ब्रह्मप्रकाश, हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रोहित वालिया, डॉ. देवेंदू खानरा, डॉ. यश श्रीवास्तव, डॉ. बलराम जीओमर, डॉ. नवनीत कुमार बट्ट, संस्थान के अधीक्षण अभियंता सुलेमान अहमद, ईई एनपी सिंह आदि मौजूद थे।
