GST कलेक्शन गिरते ही एक्शन में मोदी सरकार, बनेगा यह सख्त कानून!
केंद्र सरकार अब वस्तु एवं सेवा कर (GST) रिटर्न नहीं भरने वालों पर सख्त कार्रवाई के मूड में है. योजना बनाई जा रही है कि जो लगातार दो बार रिटर्न भरने से चूकेगा, उसका रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा.
चालू वित्तवर्ष के बीते कुछ महीनों में GST कलेक्शन उम्मीद से कम होने के बाद केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने जोनल कार्यालयों से रिटर्न दाखिल नहीं करने वालों पर सख्ती से निपटने का निर्देश दिया है.
इसके अनुसार जीएसटी और सेंट्रल एक्साइज के मुंबई के प्रधान मुख्य आयुक्त कार्यालय ने सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के लिए फील्ड अधिकारियों को निर्देश जारी किया है. अब लगातार दो बार समय पर जीएसटी रिटर्न नहीं भरने वाले कारोबारी अपना ई-वे बिल नहीं निकाल सकेंगे.
सीबीआईसी प्रमुख पी. के. दास ने जब जीएसटी रजिस्ट्रेशन करने वालों द्वारा नियम का अनुपालन नहीं किए जाने पर गंभीर चिंता जताई, तब अधिकारियों को निर्देश जारी किया गया.
प्रधान मुख्य आयुक्तों और जीएसटी के मुख्य आयुक्तों व कस्टम्स के 13 नवंबर को एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सीबीआईसी प्रमुख ने उन संस्थानों के पंजीकरण को रद्द करने की प्रक्रिया को लेकर नाखुशी जताई थी, जिन्होंने जीएसटीआर-3बी रिटर्न, छह बार या छह बार से ज्यादा समय पर रिटर्न दाखिल नहीं किया था.
हालांकि सरकार का पूरा फोकस जीएसटी दाखिल प्रक्रिया को आसान बनाना है. वहीं सरकार ने करदाताओं को राहत देते हुए वित्त वर्ष 2017-18 और 2018-19 के लिए जीएसटी वार्षिक रिटर्न भरने की तारीख बढ़ाकर क्रमश: 31 दिसंबर 2019 और 31 मार्च 2020 कर दिया. इसी प्रकार मिलान ब्योरा जमा करने की तारीख को भी बढ़ाया गया है. (Photo: Getty)






