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NBFC को बड़ी राहत देगा केंद्र, वित्त मंत्रालय ने नए कानून का मसौदा तैयार किया

 

सरकार आने वाले दिनों में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और आवास वित्त कंपनियां (एचएफसी) को बड़ी राहत देने जा रही है। एनबीएफसी, एचएफसी की गिरती रेटिंग के चलते आने वाली मुश्किलों को सरकारी बैंकों के जरिए हल करना का रास्ता निकालने की कवायद शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने इस बारे में नए कानून का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है।इसके तहत बैंक जल्द ही एनबीएफसी से कम रेटिंग वाले लोन पोर्टफोलियो भी खरीद सकेंगे। नए ड्राफ्ट में एए रेटिंग से नीचे वाली कंपनियों की संपत्तियां भी बैंक खरीद पाएंगे। मौजूदा समय में इन्हें खतरे वाली एनबीएफसी माना जाता है।

आने वाले कानून के मुताबिक सरकारी बैंक इन कंपनियों में से चुनिंदा कंपनियों के कर्ज को भी देख परख कर खरीद पाएंगे। सरकार अगले दो से तीन हफ्तों में नए नियम का ऐलान कर देगी। हाल ही में सरकार ने आंशिक क्रेडिट गारंटी स्कीम के ड्राफ्ट नियमों को रिजर्व बैंक के पास मंजूरी के लिए भेजा है।

नए नियम लागू होने पर एनबीएफसी को बैंकों से रकम मिलने में आसानी होगी जिसे वो छोटे कारोबारियों और दूसरे विकल्पों में कर्ज देने के लिए इस्तेमाल कर पाएंगे। इससे बाजार में तरलता बढ़गी जो देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देना में मदद करेगा। एनबीएफसी ने पिछले एक साल के दौरान अपने कर्ज और दूसरी संपत्तियां बेचकर करीब सवा दो लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। एनबीएफसी के लिए नेशनल हाउसिंग बोर्ड की तर्ज पर अलग से रकम की व्यवस्था का इंतजाम अभी नहीं हो पाया है। सरकार का कहना है कि सिस्टम में नकदी की फिलहाल कोई समस्या नहीं है। अगर जरूरत पड़ी तो भविष्य में ऐसे विकल्पों पर विचार किया जाएगा।

कृषि ऋण देने की मंजूरी आरबीआई ने वाणिज्यिक बैंक प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए एनबीएफसी के माध्यम से भी ऋण देने की भी मंजूरी दी है। कृषि क्षेत्र के लिए इस तरह के ऋण की सीमा 10 लाख रुपये और सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के लिए 20 लाख रुपए रखी गई है। आवास क्षेत्र के लिए यह व्यवस्था पहले से थी जिसकी सीमा 10 लाख रुपए से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई है। आरबीआई ने क्रेडिट कार्ड के ऋण को छोड़कर एनबीएफसी द्वारा दिए गए अन्य उपभोक्ता ऋणों का जोखिम भारांक 125 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत किया है।

बैंक और एनबीएफसी मिलकर सौदा करेंगे 
मामले से जुड़े अधिकारी के मुताबिक बैंक और एनबीएफसी मिल कर अच्छी संपत्ति सौदा कर पाएंगे। संपत्ति बिकने से एनबीएफसी की नकदी संकट की समस्या दूर हो सकेगी। साथ ही भविष्य में कंपनियों की रेटिंग और गिरने से रोकने में भी सहायता होगी।

आरबीआई ने भी नियमों को लचीला बनाया
रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एनबीएफसी को बैंकों द्वारा दिये जाने वाले ऋण की सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। वर्तमान में कोई बैंक अपनी टीयर-1 पूंजी का अधिकतम 15 प्रतिशत एक ही एनबीएफसी को दे सकता है। एनबीएफसी के लिए अभी अब इस सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का फैसला किया गया


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By udaen

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