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Ratan Tata says I am an accidental startup investor

नई दिल्ली, पीटीआइ। उद्योगपति और टाटा समूह के मानद चेयरमैन रतन टाटा ने खुद को ‘एक्सीडेंटल स्टार्टअप निवेशक’ बताया है। उन्होंने दर्जनभर से ज्यादा स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया है। टाटा ने निजी तौर पर किए गए निवेशों को ‘एक दुर्घटना’ बताया। एप के जरिये टैक्सी बुकिंग सेवा देने वाली ओला और फिर डिजिटल पेमेंट पेटीएम, टाटा ने दोनों कंपनियों में 2015 से निवेश किया है और इनमें निवेश करने वाले वे शुरुआती निवेशक हैं। स्टार्टअप कंपनियों में निवेश की बात करें तो उन्होंने सबसे पहला निवेश ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील में किया था। पेटीएम पर मालिकाना हक रखने वाली वन97 कम्युनिकेशंस में भी उनकी छोटी हिस्सेदारी है। वह कंपनी में सलाहकार भी हैं।

चिराटे वेंचर्स के चेयरमैन सुधीर सेठी के साथ एक बातचीत में रतन टाटा ने कहा, ‘मेरा स्टार्टअप निवेशक बन जाना एक दुर्घटना (बिना सोच-विचार के शुरुआत) की तरह है। जब मैं टाटा समूह के साथ काम कर रहा था, तब भी स्टार्टअप क्षेत्र मुझे अपनी ओर खींच रहा था। लेकिन इससे दूरी बनी रही क्योंकि यह टाटा समूह के हितों से टकराव था।’

उन्होंने कहा, ‘लेकिन जब मैं रिटायर हुआ तो मेरे ऊपर से टाटा समूह की जिम्मेदारी खत्म हो गई। इसके बाद मैंने खुद के पैसे से कंपनियों में छोटा-छोटा निवेश करना शुरू किया। दो से तीन साल इस क्षेत्र में रहने के बाद मैं इससे काफी कुछ सीखा। यह क्षेत्र बहुत सक्रिय है और इसमें सबसे अच्छे दिमाग वाले लोग काम कर रहे हैं।’

इन कंपनियों में है निवेश

रतन टाटा ने ऑनलाइन चश्मा स्टोर लेंसकार्ट, किराये पर घर उपलब्ध कराने वाली नेस्ट अवे और पालतू जानवरों की देखभाल वाले ऑनलाइन मंच डॉग स्पॉट, फिटनेस क्षेत्र की क्योरफिट, मौसम की जानकारी देने वाली क्लाइमासेल, ऑनलाइन वाहन मंच कार देखो, ऑनलाइन फर्नीचर कंपनी अरबन लैडर जैसी स्टार्टअप कंपनियों में निवेश किया है।

कुत्तों के शौकीन

टाटा को ‘कैनी’ प्रजाति के कुत्तों का शौक है और उनके पास ऐसे कई कुत्ते हैं। बता दें कि टाटा सारे निवेश अपनी निजी निवेशक कंपनी आरएनटी एसोसिएट्स के जरिये करते हैं।

कॉमन सेंस से चुनते हैं कंपनी

रतन टाटा कंपनियों का चुनाव अपने सहज ज्ञान के आधार पर करते हैं।

 


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By udaen

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