उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा 30 जून को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के विलुप्त होने के बाद अब सभी मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता और एफिलिएशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
SHABD,Dehradun, August 14,
उत्तराखंड:
मदरसा बोर्ड खत्म, अब शिक्षा विभाग से मान्यता लेना अनिवार्य
उत्तराखंड अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा 30 जून को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड के विलुप्त होने के बाद अब सभी मदरसों को शिक्षा विभाग से मान्यता और एफिलिएशन लेना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रावधानों के तहत कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला शिक्षा अधिकारी और कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड के माध्यम से मान्यता प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद ही अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान के रूप में इस प्राधिकरण द्वारा मान्यता दी जाएगी।विशेष सचिव ने बताया कि वर्तमान में 50 से अधिक मदरसों को मान्यता मिल चुकी है, जबकि 150 से अधिक मदरसों ने सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए ऑनलाइन आवेदन किया है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुरूप इनकी जांच और निरीक्षण की कार्रवाई लगातार जारी है।
बाइट- डॉ. पराग मधुकर धकाते, विशेष सचिव, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग
