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भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में की गई 0.25 फीसदी की कटौती शेयर बाजार को रास नहीं आई। रेपो रेट में कटौती के बाद बाजार में हाहाकार मच गया, जिसके चलते निवेशकों के एक दिन में 1.43 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया। वहीं पूरे सप्ताह में निवेशकों को 4.5 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि आरबीआई के अलावा कई और भी कारण रहे, जिसके चलते भी शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली।

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बैंकिंग, जी मीडिया और एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। जी एंटरटेनमेंट के शेयरों में छह फीसदी की गिरावट हुई जिससे निफ्टी का मीडिया इंडेक्स चार फीसदी फिसल गया। वहीं एचडीएफसी एएमसी के शेयरों में लगातार आठवें सत्र में 10 फीसदी तक की गिरावट आई। शुक्रवार को एचडीएफसी एएमसी का स्टॉक एक फीसदी घटकर 2676 रुपये पर आ गया।

बैंक, ऑटो, रियल्टी में 5 फीसदी गिरावट

विकास दर का अनुमान घटाए जाने के बाद बैंकिंग, ऑटो और रिलय एस्टेट क्षेत्र के शेयरों में 5 फीसदी तक गिरावट आई। फेडरल बैंक के शेयर 3.82 फीसदी, कोटक महिंद्रा के 3.46 फीसदी, आईसीआईसीआई बैंक के 3.17 फीसदी एचडीएफसी बैंक के 2.79 फीसदी तक गिरे।

बैंक इंडेक्स में 2.45 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि रियल एस्टेट की कंपनियों प्रेस्टीज एस्टेट प्रोजेक्ट के शेयर 5.28 फीसदी, इंडियाबुल्स के 3.61 फीसदी, डीएलएफ के 1.63 फीसदी टूटे। ऑटो कंपनियों में टाटा मोटर्स के 2.37 फीसदी, टीवीएस मोटर्स के 2.07 फीसदी, आयशर मोटर्स के 2.04 फीसदी और मारुति सुजुकी के शेयर 1.53 फीसदी टूटे।

निवेशकों के 4.5 लाख करोड़ डूबे

इस सप्ताह शेयर बाजार में आई गिरावट से इक्विटी बाजार के निवेशकों के 4.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए। पिछले सप्ताह 27 सितंबर को आखिरी कारोबारी सत्र में बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 1 करोड़ 47 लाख 69 हजार 837 करोड़ रुपये था, जो इस सप्ताह शुक्रवार को गिरकर 1 करोड़ 43 लाख 18 हजार 262 करोड़ रुपये आ गया है। इस तरह बाजार पूंजीकरण में 4 लाख 51 हजार 575 करोड़ रुपये की गिरावट आई।

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By udaen

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