देहरादून 12 सितम्बर 026,
देहरादून नगर निगम टाउन हॉल में आज भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के दिवंगत महासचिव एवं वरिष्ठ नेता कॉमरेड सीताराम येचुरी के द्वितीय स्मृति दिवस आयोजन किया गया। सभा में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से सीपीआई(एम) के कार्यकर्ता, पदाधिकारी एवं समर्थक उपस्थित रहे।

इस अवसर सीपीआई, कांग्रेस, समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे,कार्यक्रम की अध्यक्षता कामरेड राजेंद्र सिंह नेगी ने की तथा संचालन राज्य सचिव राजेन्द्र पुरोहित ने किया, कामरेड वृन्दा करात सहित उपस्थित प्रतिनिधियों कामरेड येचुरी चित्र पर श्रृद्धासुमन अर्पित किये!

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता कॉमरेड वृंदा करात, पूर्व राज्यसभा सांसद एवं वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेता, रहीं।
कॉमरेड सीताराम येचुरी का योगदान
अपने संबोधन में कॉमरेड वृंदा करात ने कॉमरेड सीताराम येचुरी के जीवन, संघर्ष और देश के लोकतांत्रिक एवं सामाजिक आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान को याद किया।
उन्होंने कहा कि कॉमरेड येचुरी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने आजीवन किसान-मजदूरों, वंचित वर्गों, दलितों, आदिवासियों और आम जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। उन्होंने संसद से सड़क तक, हर मंच से जनता की आवाज़ उठाई। बतौर राज्यसभा सांसद और पार्टी महासचिव, उन्होंने देश की धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राजनीति को मजबूत करने में निर्णायक भूमिका निभाई।
कॉमरेड करात ने कहा कि येचुरी का जीवन सादगी, त्याग और वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रतीक था। उन्होंने कभी पद और सत्ता को अपना लक्ष्य नहीं बनाया, बल्कि हमेशा वैचारिक संघर्ष और जनहित को सर्वोपरि रखा। वाम आंदोलन और देश की प्रगतिशील राजनीति में उनका योगदान पीढ़ियों तक मार्गदर्शक रहेगा।
वर्तमान राजनीतिक संदर्भ
कॉमरेड वृंदा करात ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती सांप्रदायिक एवं विभाजनकारी राजनीति लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ परिवार हिंदुत्व के नाम पर अपना एजेंडा थोपने का प्रयास कर रहा है, जिसके खिलाफ देशव्यापी प्रतिरोध जरूरी है।
उन्होंने देश की आजादी में जनता के विभिन्न वर्गों की कुर्बानियों का उल्लेख करते हुए संघ परिवार की आजादी के आंदोलन में संदिग्ध भूमिका का भी जिक्र किया।
कॉमरेड करात का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब देश की राजनीति में कई निर्णायक मोड़ दिख रहे हैं। हाल ही में जारी ‘मूड ऑफ द नेशन’ सर्वेक्षण के अनुसार, मोदी सरकार की लोकप्रियता में भारी गिरावट के संकेत मिले हैं।
मतदाता सूची का मुद्दा
कॉमरेड वृंदा करात ने उत्तराखंड में SIR (Special Intensive Revision) के दौरान मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियादी ताकत है और पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची से हटना गंभीर विषय है। उन्होंने इस मुद्दे पर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।
एकजुटता का आह्वान
कॉमरेड करात ने कहा कि मौजूदा समय में लोकतांत्रिक एवं धर्मनिरपेक्ष मूल्यों की रक्षा के लिए जनवादी ताकतों की एकजुटता और संघर्ष पहले से अधिक जरूरी है। उन्होंने कहा कि देशव्यापी स्तर पर हिंदुत्व के एजेंडे के खिलाफ जो एकता बढ़ रही है, वह आगे भी मजबूत होनी चाहिए।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कॉमरेड सीताराम येचुरी के विचारों, उनके संघर्ष और जनपक्षीय राजनीति की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।इस अवसर पर सीपीआई राष्ट्रीय परिषद के पूर्व सदस्य कामरेड समर भण्डारी, सपा के राष्ट्रीय महामंत्री डा एस एन सचान, कांग्रेस के प्रवक्ता सुरेंद्र अग्गरवाल, अपरनिदेशक शिक्षा उत्तराखण्ड शिवप्रसाद सेमवाल आदि सम्बोधित किया!
मंचासीन राज्यसचिवमण्डल सदस्यों में कामरेड लेखराज, इन्दुनौडियाल, भूपालसिंह रावत,महेंद्र जखमोला,शिवप्रसाद देवली, नितिन मलेठा, माला गुरूंग,अनन्त आकाश, सुरेंद्र सिंह सजवाण, दलजीतसिंहआदि प्रमुख थे!
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख लोगों भगवान सिंह राणा, सुरेंद्र रावत, राजेन्द्र नेगी, सतकुमार, हिमांशु चौहान, मनमोहन सिंह, शम्भूप्रसाद ममगाई,विजय भट्ट, डाक्टर रवि चोपडा,रंजन सोलंकी,प्रो रण्धावा,एस एस नेगी, समदर्शी बर्थवाल,शैलेन्द्र परमार, अय्याज खान,डाक्टर, प्रेंमसिंह दानू, हरिओम पाली,मोहनसिंह नेगी, कनिका, विप्लव, रविंद्र नौडियाल, नुरैशा, हरीश, कमलेश खन्तवाल
आदि बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
