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सरकार के एआरटी केंद्रों में इलाज करवा रहे एचआईवी से संक्रमित लोगों को सरकार एक हजार रुपये पेंशन देगी। केंद्र में इलाज के लिए आने जाने पर परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा रहेगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय में राज्य एड्स काउंसिल की हुई चतुर्थ बैठक में यह निर्णय लिये गए।

इसके अलावा राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाकर विभागीय संविदा चिकित्सकों के बराबर कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि काउंसिल की बैठक समय पर आयोजित की जाएं। प्रदेश में एड्स एवं उसके कारणों पर अध्ययन किया जाना चाहिए। अध्ययन से प्राप्त डाटा का विश्लेषण कर एड्स पर नियंत्रण के लिए योजनाएं बनाई जाएं। प्रत्येक विभाग, संगठन एवं संस्थान एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के लिए एक नोडल अधिकारी नामित करे।

आयोजित किये जाएं जन जागरूकता कार्यक्रम

बैठक में सीएम ने कहा कि एचआईवी की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए निर्धारित विशेष दिवसों पर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के एचआईवी संक्रमित व्यक्ति (मूल या स्थायी निवासी) एवं राज्य में एआरटी केंद्रों में इलाज करवा रहे हैं, उनको आर्थिक सहायता के लिए एक हजार रुपये पेंशन प्रदान की जाएगी।
बैठक में कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि युवा वर्ग में एड्स का प्रमुख कारण ड्रग्स है। इसके लिए आवश्यक है कि युवा वर्ग को इसके प्रति जागरूक किया जाए। साथ ही पुलिस विभाग लगातार एंटी ड्रग्स अभियान चलाए। इस अवसर पर सचिव नितेश झा, बीके संत, अपर सचिव युगल किशोर पंत सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि प्रदेश में ऐसे चार हजार लोग हैं, जिन्हें इस पेंशन का लाभ मिलेगा।

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By udaen

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