Spread the love

सीएसआईआर-एनपीएल में “सामाजिक एवं औद्योगिक क्षेत्र हेतु इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मापिकी” पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित

PIB Delhi

वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद–राष्ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला (सीएसआईआर–एनपीएल), नई दिल्ली द्वारा “सामाजिक एवं औद्योगिक क्षेत्र हेतु इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मापिकी” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन सीएसआईआर–एनपीएल सभागार में किया गया। संगोष्ठी का उद्देश्य विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में सटीक, विश्वसनीय और मापनीय मापन के महत्व तथा इसके सामाजिक एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों पर विचार-विमर्श के लिए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं उद्योग जगत के विशेषज्ञों को एक मंच प्रदान करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं गणमान्य अतिथियों के स्वागत के साथ हुआ। इसके पश्चात सीएसआईआर–एनपीएल के निदेशक, प्रो. वेणु गोपाल आचंटा द्वारा स्वागत एवं अध्यक्षीय संबोधन दिया गया। डॉ. मदन मोहन त्रिपाठीमहानिदेशक, राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT), नई दिल्ली ने मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया।

संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में मापन के वैधीकरण एवं सत्यापन, इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी में मापिकी की भूमिका, भारत में मापन प्रणालियों के विकास तथा मापन में सेंसर के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान दिए गए।

संगोष्ठी के दौरान पोस्टर सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुसंधान एवं तकनीकी कार्य प्रस्तुत किए। इसके अतिरिक्त, Measurement International LLP, Fluke Technologies Pvt. Ltd., Quantum Design India Pvt. Ltd. तथा HPL Enterprises द्वारा प्रायोजक वार्ताएँ आयोजित की गईं।

दोपहर के सत्र में सतत विकास के लिए उपयोग के बाद बेकार हो चुके सौर फोटोवोल्टिक पैनलों के पुनर्चक्रण, वायुमंडलीय एवं पर्यावरणीय विज्ञान में इलेक्ट्रिकल एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मेट्रोलॉजी, मेडिकल अल्ट्रासाउंड में मापिकी, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली तथा भारतीय मानक समय (IST®) की सुरक्षा हेतु पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी जैसे समसामयिक विषयों पर मौखिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

कार्यक्रम के अंत में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर सहित विभिन्न पुरस्कारों एवं प्रतिभागिता प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया। इसके पश्चात समापन सत्र एवं जलपान के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।

संगोष्ठी ने वैज्ञानिक समुदाय, शिक्षण संस्थानों तथा उद्योग जगत के बीच संवाद एवं सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश में सटीक मापन विज्ञान, औद्योगिक गुणवत्ता तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास में मापिकी की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

****


Spread the love

By udaen

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *