देहरादून में भीषण हादसा: कार पर पलटा कंटेनर, एक ही परिवार के तीन सदस्यों समेत चार की मौत
छह साल का मासूम सुरक्षित निकाला गया, हाइड्रा से हटाया कंटेनर और कटर से काटनी पड़ी कार; मोहब्बेवाला चौक पर हुआ हादसा

देहरादून। राजधानी देहरादून में बुधवार दोपहर एक भीषण सड़क दुर्घटना में चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मोहब्बेवाला चौक के पास एक अनियंत्रित कंटेनर ट्रक कार के ऊपर पलट गया। भारी वाहन के नीचे कार पूरी तरह दबकर पिचक गई। कार में सवार छह वर्षीय बच्चा इस हादसे में बच गया, हालांकि उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसा बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे देहरादून-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मोहब्बेवाला क्षेत्र में हुआ। कार में पांच लोग सवार थे। कंटेनर के पलटने से चार वयस्क बुरी तरह उसमें फंस गए। पुलिस, अग्निशमन विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाया।
करीब दो घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में हाइड्रा की मदद से कंटेनर को कार के ऊपर से हटाया गया। इसके बाद कटर से कार की छत काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। सभी चार घायलों को कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। छह वर्षीय बच्चे को सुरक्षित बचा लिया गया।
मृतकों की हुई पहचान
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
- मिश्रेष कपूर (38)
- निशा आनंद कपूर (38), पत्नी मिश्रेष कपूर
- किरण कपूर (63), मिश्रेष कपूर की मां
- नीरज, कार चालक
कार में सवार छह वर्षीय बच्चे की पहचान माहेर कपूर के रूप में हुई है। वह मिश्रेष कपूर का बेटा बताया गया है। परिवार मूल रूप से सहारनपुर से देहरादून आ रहा था। कुछ स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक परिवार दीपावली की खरीदारी करके लौट रहा था। Januttarakhand +2
ब्रेक फेल होने की आशंका
प्रारंभिक जांच में कंटेनर के ब्रेक फेल होने की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कंटेनर रंबल स्ट्रिप पार करने के बाद डगमगाने लगा और कार के ऊपर पलट गया। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। कंटेनर में खाद अथवा अन्य माल लदा होने की जानकारी सामने आई है। Januttarakhand +2
मोहब्बेवाला और आशारोड़ी मार्ग पर सड़क सुरक्षा पर सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर मोहब्बेवाला और आशारोड़ी क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही तथा सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी 2024 से अक्टूबर 2026 के बीच आशारोड़ी चेकपोस्ट और आसपास के क्षेत्र में कम से कम 17 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 10 से अधिक लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए। AajTak
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद यदि भारी वाहनों की गति, यातायात नियंत्रण और दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम नहीं किए जाते, तो ऐसे हादसों को रोकना मुश्किल होगा।
प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण कब होगा?
