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31अक्टूबर 2026 | अस्ताना, कजाकिस्तान

मनीषा भनवाला का स्वर्णिम दांव: विश्व कुश्ती में पहली बार भारतीय महिला बनी विश्व चैंपियन।

0-6 से पिछड़ने के बाद 8-6 से दर्ज की ऐतिहासिक जीत, अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट को हराकर भारत को दिलाया विश्व खिताब

अस्ताना/नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती के इतिहास में 30 अक्टूबर 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया। भारत की महिला पहलवान मनीषा भनवाला ने विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में महिलाओं की 59 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बन गई हैं।

शुक्रवार को खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मनीषा ने अमेरिका की पैन अमेरिकन चैंपियन एबिगेल नेट को 8-6 से पराजित किया। मुकाबले की शुरुआत में मनीषा 0-6 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने असाधारण धैर्य, तकनीक और संघर्ष क्षमता का परिचय देते हुए मुकाबले का रुख पलट दिया और ऐतिहासिक जीत अपने नाम कर ली।

0-6 से 8-6 तक, आखिरी क्षणों तक जारी रहा संघर्ष

फाइनल मुकाबले में अमेरिकी पहलवान एबिगेल नेट ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। उन्होंने शुरुआती दांव में चार अंक हासिल किए। भारतीय टीम की ओर से इस निर्णय को चुनौती दी गई, लेकिन चुनौती असफल रहने पर अमेरिकी पहलवान को एक अतिरिक्त अंक मिल गया।

इसके बाद मनीषा के खिलाफ चेतावनी के चलते नेट की बढ़त 6-0 हो गई। मुकाबले के इस मोड़ पर भारतीय पहलवान के सामने बड़ी चुनौती थी।

हालांकि, मनीषा ने हार नहीं मानी। उन्होंने पहले एक अंक हासिल कर वापसी की शुरुआत की। दूसरे चरण में उन्होंने शानदार टेकडाउन और गट-रेंच तकनीक का इस्तेमाल करते हुए स्कोर 6-6 कर दिया।

इसके बाद निर्णायक दांव लगाते हुए मनीषा ने दो और अंक हासिल किए और 8-6 की बढ़त बना ली। मुकाबले के अंतिम क्षणों में उन्होंने अपनी बढ़त कायम रखी और विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया।

सेमीफाइनल में भी दिखाया दमदार प्रदर्शन

मनीषा का फाइनल तक का सफर भी शानदार रहा। उन्होंने प्रतियोगिता के शुरुआती दौर में कनाडा की लॉरेंस ब्यूरेगार्ड को 6-2 से हराया। इसके बाद सेमीफाइनल में कजाकिस्तान की अल्तीन शगायेवा को 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराकर फाइनल में जगह बनाई।

16 साल बाद भारत को मिला सीनियर विश्व कुश्ती का स्वर्ण

मनीषा की इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत को सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में पिछला स्वर्ण पदक वर्ष 2010 में सुशील कुमार ने पुरुषों की 66 किलोग्राम स्पर्धा में दिलाया था।

मनीषा अब सुशील कुमार के बाद सीनियर विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय पहलवान हैं। वहीं, वह इस प्रतियोगिता में स्वर्ण जीतने वाली देश की पहली महिला पहलवान हैं।

भारतीय महिला कुश्ती के लिए नया अध्याय

इस विश्व चैंपियनशिप में भारतीय महिला पहलवानों ने सामूहिक रूप से भी शानदार प्रदर्शन किया। मनीषा के स्वर्ण के अलावा नीलम सिरोही और काजल ढोचक ने रजत पदक तथा तनु शर्मा ने कांस्य पदक हासिल किया।

मनीषा की जीत ने भारतीय महिला कुश्ती के सामने एक नया मुकाम स्थापित किया है। यह उपलब्धि उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखते हैं।

एक मुकाबला, छह अंकों की पिछड़न और फिर ऐतिहासिक वापसी। मनीषा भनवाला ने साबित कर दिया कि खेल में आखिरी सीटी बजने तक उम्मीद और संघर्ष कभी खत्म नहीं होते। उनका यह स्वर्ण पदक भारतीय कुश्ती के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

समाचार स्रोत: यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग, पीटीआई/आईएएनएस, टाइम्स ऑफ इंडिया


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By udaen

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