ऑटोइम्यून बीमारियों पर एम्स समेत 6 संस्थानों में शोध
एक ही परिवार के कई सदस्यों में ऑटोइम्यून बीमारियां क्यों होती हैं और इनके पीछे आनुवंशिक या पर्यावरणीय कारकों की क्या भूमिका है, इसका पता लगाने के लिए एम्स नई दिल्ली समेत देश के छह प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शोध किया जा रहा है।
SHABD,Delhi, October 29,
अक्टूबर 29, नई दिल्ली:
एक ही परिवार के कई सदस्यों में ऑटोइम्यून बीमारियां क्यों होती हैं और इनके पीछे आनुवंशिक या पर्यावरणीय कारकों की क्या भूमिका है, इसका पता लगाने के लिए एम्स नई दिल्ली समेत देश के छह प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शोध किया जा रहा है।
चार साल तक चलने वाले इस अध्ययन में 200 परिवारों को शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। शोध के जरिए ऑटोइम्यून बीमारियों के साझा कारणों को समझने और भविष्य में इनके नए उपचार विकसित करने के लिए जरूरी जानकारी जुटाने की कोशिश की जाएगी।
शोधकर्ताओं ने ऐसे परिवारों से अध्ययन में शामिल होने की अपील की है, जिनमें एक सदस्य ल्यूपस से पीड़ित है और परिवार के अन्य सदस्य भी किसी ऑटोइम्यून बीमारी से प्रभावित हैं। इस अध्ययन से इन बीमारियों के संभावित कारणों और पारिवारिक संबंधों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बाइट: डॉ. रंजन गुप्ता, एडिशनल प्रोफेसर, रूमेटोलॉजी विभाग, एम्स, नई दिल्ली
(वीडियो कैप्शन: एक ही परिवार के कई सदस्यों में ऑटोइम्यून बीमारियां क्यों होती हैं और इनके पीछे आनुवंशिक या पर्यावरणीय कारकों की क्या भूमिका है, इसका पता लगाने के लिए एम्स नई दिल्ली समेत देश के छह प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शोध किया जा रहा है।)
