हाईकोर्ट का बड़ा आदेश: सरकारी अनुमति वाले ट्रेड फेस्टिवल में बाधा नहीं डाल सकता कोई निजी संगठन
कोटद्वार ट्रेड फेस्टिवल विवाद: हाईकोर्ट ने कहा— सरकारी अनुमति में निजी संगठन नहीं कर सकते हस्तक्षेप
मालवीय उद्यान ट्रेड फेस्टिवल पर हाईकोर्ट का आदेश: अनुमति अवधि तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित करें
नैनीताल/कोटद्वार, 6 अगस्त। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कोटद्वार के मालवीय उद्यान में आयोजित उत्तराखंड ट्रेड फेस्टिवल–2026 को लेकर महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए प्रशासन को मेले के शांतिपूर्ण संचालन के लिए पर्याप्त पुलिस सुरक्षा एवं प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने WPCRL संख्या 1575/2026 में पारित किया, जिसमें M/s Image Trade Promotion Exposition and Event Manager ने याचिका दायर कर पुलिस सुरक्षा तथा कथित अवरोधों को रोकने की मांग की थी।
क्या है मामला?
याचिका के अनुसार, उपजिलाधिकारी (एसडीएम), कोटद्वार द्वारा आयोजक को 22 जुलाई 2026 से 10 अगस्त 2026 तक मालवीय उद्यान में उत्तराखंड ट्रेड फेस्टिवल आयोजित करने की अनुमति प्रदान की गई थी।
आयोजक का आरोप था कि आयोजन के दौरान 28 जुलाई 2026 को प्रांतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तराखंड की ओर से एक पत्र जारी कर कहा गया कि प्रदर्शनी केवल सात दिनों तक ही चल सकती है और इसके बाद स्थल खाली करना होगा। याचिका में यह भी कहा गया कि इस कारण आयोजन में बाधा उत्पन्न हुई तथा पुलिस सुरक्षा की आवश्यकता महसूस हुई।
हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया माना कि यदि किसी सक्षम प्रशासनिक प्राधिकारी ने विधिसम्मत अनुमति प्रदान की है, तो कोई व्यापारी संगठन उस अनुमति की अवधि को कम करने अथवा उसमें हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं रखता।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि संबंधित व्यापारी संगठन का ऐसा पत्र प्रथम दृष्टया अधिकार क्षेत्र से बाहर प्रतीत होता है और उसे सक्षम प्राधिकारी के आदेश में हस्तक्षेप का अधिकार प्राप्त नहीं है।
प्रशासन को दिए गए निर्देश
न्यायालय ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक तथा उपजिलाधिकारी को निर्देश दिया कि वे आयोजक, प्रदर्शनी में शामिल कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों तथा अन्य प्रतिभागियों की सुरक्षा सुनिश्चित करें और अनुमति अवधि समाप्त होने तक मेले का संचालन शांतिपूर्ण एवं निर्बाध रूप से कराया जाए।
याचिका का निस्तारण
उच्च न्यायालय ने उपरोक्त निर्देशों के साथ याचिका का निस्तारण कर दिया तथा आदेश की प्रति तत्काल संबंधित अधिकारियों को भेजकर अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रमुख बिंदु
- एसडीएम द्वारा 22 जुलाई से 10 अगस्त तक मेले की अनुमति।
- व्यापारी संगठन द्वारा सात दिन बाद मेला समाप्त करने संबंधी पत्र।
- हाईकोर्ट ने पत्र को प्रथम दृष्टया अधिकार क्षेत्र से बाहर माना।
- पुलिस और प्रशासन को मेले के शांतिपूर्ण संचालन के निर्देश।
- आदेश के साथ याचिका का निस्तारण।
