पलायन को कैसे *परिभाषित* करेंगे? : *हर वो व्यक्ति या उसका परिवार जो पैत्रिक भूमि को छोड़ कहीं ऐसी जगह रहने लग जाय, जहां से वो उस भूमि को हरा भरा व कृषि उपयोगी न रख सके!*
क्या पलायन *का प्रश्न शेष रहवासियों* ने कभी उठाया?
पलायन का *प्रश्न जो प्रवासी* उठाते हैं, वो अपनी *पैत्रिक भूमि को हरा भरा या कृषि उपयोगी रखने में कितने सक्रीय हैं?*
या फिर *पलायन के विषय में चर्चा करना उनके मन बहलाने* का एक जरिया है?
कितने *प्रबुद्ध* या *वृद्ध* जन अपनी संतति को *पहाड की भूमि की *उपयोगिता समझाने मे सफल* हो सके हैं??
*सरकार या सरकारी तंत्र* के भरोसे बैठे रहना, क्या *व्यक्तिगत निष्कृयता* को नहीं दर्शाता?
*सरकार या सरकारी तंत्र ये कब समझ पायेगा कि पलायन का बने रहना, उनके न रहने का भी साजो सामान है!*
*सुझावित समाधान :*
– पहाड़ की *मतदाता सूचि* में नाम होना आवश्यक कर दिया जाय!
– *संविधान में पहाड से पलायन रोकने के लिये आधा आधा मत* प्राविधान लाया जाय ताकि हर प्रवासी मत दाता अपना आधा मत अपने पैत्रिक भूमि में व आधा मत दान प्रवास क्षेत्र में दे सके!
– *बंजर खेतों को कैसरीन में बदलना या वन में परिवर्तित करना भय उत्पन्न कर सकता है पर पलायन का हल नहीं दे सकता!*
– *यदि सरकार के राजस्व में कोई आय भी हो जाय व पलायन पर भी प्रभावी रोक लग सके उसके लिये वंजर भूमि पर लगान वृद्धि कर दी जाय! पहले तीन वर्ष तक दुगना, फिर तीन वर्ष तक तिगुना…. और इसी अनुपात में वृद्धि हो!*
– इससे अर्जित राजस्व को सक्रीय कृषि उद्यमियों मे बतौर
*Incentive* वितृत कर दिया जाय!
– *प्राकृतिक संपदा दोहन पर समुचित रोक लगे!* ताकि प्राकृतिक आपदा को नियंत्रित किया जा सके !
– गांव मे *पेयजल* सुविधा प्राथमिकता व प्रभावी रूप में लागू व सुनिश्चित की जाय!
– *वर्षा जल संग्रहण* के लिये विकासखंड स्तर पर गांव गांव में *खाल-चाल सृजन / निर्माण* में प्रभावी सहभागिता हो! व इसका कार्यान्वयन ग्राम प्रधान के माध्यम से सुनिश्चित किया जाय व उत्तरदाइत्व भी प्रधान का माना जाय!
– *अवाधित बिजली* गांव गांव मे पहुँचाई जाय!
– दामों पर टी वी ट्रांसमिशन सेवा घर घर तक पहुंच सके!
– कम्यूनिकेशन टावर्स प्रभावी स्थल पर लगाये जांय !
– *सडक व्यवस्था राष्ट्रीय गुणवता पर आधारित हो!*
– गांव गांव को सडकों से जोडा जाय!
– सब *प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभावी हों!*
– 1 से 12 कक्षा तक का *पाठ्यक्रम कौशल उन्मुख व रोजगार उन्मुख हो!*
– प्रभावी स्कूल व्यवस्था के लिये पुनः *सर्वेक्षण* किया जाय!
*वन्य जीवों से रहवासियों व पथिकों को भयमुक्त करने के लिये निम्न उपाय प्राथमिकता से किये जाय!*
– जंगलों मे पर्याप्त *फलदार* वृक्ष लगाये जांय ! उनका, संरक्षण व संवर्धन सुनिश्चित किया जाय!
– वनों के चारों ओर *कंटीले तार बाड* की जाय!
– जंगल आग से बचने के लिये *जंगल लेन* को बराबर मेंटेन किया जाय!
– *खुली आग फेंकन* े व आगलगाने वाले अवांछनीय तत्वों के विषय में गांव गांव में *जागरूकता* अभियान चलाये जांय !
-भूमि कटाव को बचाने के लिये, पर्यावरण संतुलन बनाये रखने के लिये *युद्ध स्तर पर वृक्षारोपण* किये जांय !
– समय समय पर *प्रदूषण रोक वर्कशॉप* लगाये जांय!
– *स्व रोजगार व स्व उद्यमियों को प्रोत्साहन दिया जाय!*
अंतत: निज *निष्ठावादिता* को पनपने दें!
कंटेंट राइटर
मेजर ओंकार उत्तराखंडी
एक्टिविस्ट फ़ॉर सेल्फ सस्टेनेबल उत्तराखंड


