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वीबी-जी राम-जी का पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के साथ एकीकरण

PIB Delhi

वीबी-जी राम जी अधिनियम, 2025 का उद्देश्य ग्रामीण विकास के ढांचे को विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय विजन के साथ जोड़ना है। इसके तहत ऐसे ग्रामीण परिवारों को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में एक सौ पच्चीस दिनों की बढ़ी हुई वैधानिक मजदूरी रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी जिनके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने के इच्छुक होते हैं, जिससे वे विस्तारित आजीविका सुरक्षा ढांचे में अधिक प्रभावी ढंग से भागीदारी कर सकें।

इस अधिनियम की अनुसूची I के अनुसार, अभिसरण, संतृप्ति-आधारित योजना और विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं के जरिए संपूर्ण सरकारी वितरण को संस्थागत बनाने हेतु, ग्राम पंचायतों की विभिन्न आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पीएम गतिशक्ति के साथ एकीकृत तथा भू-स्थानिक प्रणालियों, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, जिला व राज्य योजना तंत्र द्वारा संचालित इन योजनाओं को प्रखंड, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर एकत्रित किया गया है।

वीबी-जी राम-जी के कार्यान्वयन में पंचायत की भूमिका के संबंध में यह उल्लेखनीय है कि इस अधिनियम की धारा 16 में वीबी-जी राम जी योजनाओं की आयोजना और कार्यान्वयन में पंचायत राज संस्थानों की भूमिका को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है, जो इस प्रकार है:- 

(1) जिला, मध्यवर्ती और ग्राम स्तर पर पंचायतें इस अधिनियम के तहत बनाई गई योजना की आयोजना, कार्यान्वयन और निगरानी की प्रमुख प्राधिकारी होंगी।

(2) जिला स्तर पर पंचायत, जिला स्तर की समग्र योजना को अंतिम रूप देने एवं अनुमोदन, कार्यों के पर्यवेक्षण एवं निगरानी, अभिसरण सुनिश्चित करने सहित जिले में योजना के कार्यान्वयन की देखरेख तथा समन्वय करेगी और राज्य सरकार द्वारा सौंपे जा सकने वाले  अन्य कार्यों को कार्यान्वित करेगी। 

(3) मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत, समग्र प्रखंड स्तरीय योजना तैयार करेगी एवं उसे अंतिम रूप देगी, ग्राम पंचायतों को आयोजना एवं कार्यान्वयन में सहायता करेगी, ग्राम पंचायत व प्रखंड स्तर पर कार्यों की निगरानी करेगी और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करेगी।

(4) ग्राम पंचायत परिवारों का पंजीकरण करेगी, कार्य के लिए आवेदन प्राप्त करेगी एवं उन पर कार्रवाई करेगी, विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं को तैयार करेगी, उसे दिये गए कार्यों को कार्यान्वित करेगी, राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट किए जा सकने वाले रिकॉर्डों का रखरखाव करेगी और उसे योजना के तहत सौंपी जा सकने वाली अन्य जिम्मेदारियों का निर्वहन करेगी।

इसके अलावा, ग्राम पंचायत इस योजना के तहत कार्यों की आयोजना, कार्यान्वयन और क्रियान्वयन की प्राथमिक ग्राम-स्तरीय प्राधिकरण है। यह ग्रामीण परिवारों का पंजीकरण करने, ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी करने और कार्य के लिए आवेदन प्राप्त करके उन पर कार्रवाई करने तथा सभी संबंधित रिकॉर्ड रखने के लिए जिम्मेदार है।

यह कार्यक्रम अधिकारी द्वारा आवंटित कार्यों को कार्यान्वित करती है और अपने अधिकार क्षेत्र के भीतर अनुमोदित विकसित ग्राम पंचायत योजना से किसी भी स्वीकृत कार्य को अपने अधिकार क्षेत्र में ले सकती है, जिसमें कम से कम पचास प्रतिशत कार्य (लागत के अनुसार) ग्राम पंचायतों के माध्यम से कार्यान्वित किए जाएंगे।

ग्राम पंचायत के लिए मस्टर रोल एवं अन्य निर्धारित रिकॉर्ड रखना तथा यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि कार्य आवश्यक तकनीकी मानकों एवं माप को पूरा करते हों तथा डिजिटल एवं पारदर्शिता संबंधी आवश्यकताओं का पालन करते हों। इसके लिए कार्यान्वयन में पारदर्शिता, जवाबदेही और शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया में सहायता करने के उद्देश्य से नियमित सामाजिक लेखा परीक्षा और सार्वजनिक जांच को सक्षम करने हेतु मस्टर रोल, बिल, वाउचर, माप पुस्तकें, स्वीकृति आदेश और जियो-टैग किए गए एवं डिजिटल रिकॉर्ड सहित सभी प्रासंगिक दस्तावेजों को ग्राम सभा के समक्ष रखना अनिवार्य है।

इसके अलावा अनुसूची 1 के पैरा 5 के उप-पैरा 2 में यह निर्धारित किया गया है कि विकसित ग्राम पंचायत योजना ग्राम पंचायत द्वारा तैयार की जाएगी और अनुमोदन के लिए ग्राम सभा के समक्ष रखी जाएगी।

कुल मिलाकर, यह अधिनियम ग्राम पंचायत को योजना ढांचे के तहत मांग पंजीकरण, सहभागी योजना निर्माण, विकेंद्रीकृत कार्यान्वयन, कार्यकर्ता के साथ जुड़ाव और लोक जवाबदेही के लिए जिम्मेदार प्रमुख जमीनी स्तर की संस्था के रूप में स्थापित करता है। नए अधिनियम को तैयार करते समय महात्मा गांधी नरेगा योजना के कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभवों को भी ध्यान में रखा गया है।


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By udaen

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