UGC गजट अधिसूचना को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, सुनवाई की तारीख पर उठे सवाल
नई दिल्ली। वरिष्ठ अधिवक्ता ने हाल ही में में (UGC) द्वारा जारी एक गजट अधिसूचना को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की है। याचिका में UGC के नए नियमों को लेकर आपत्ति जताई गई है और उनके प्रभावों पर पुनर्विचार की मांग की गई है।

याचिका पर सुनवाई की तारीख दो महीने बाद तय किए जाने को लेकर विभिन्न वर्गों में सवाल उठ रहे हैं। याचिकाकर्ता पक्ष से जुड़े लोगों का कहना है कि शिक्षा से संबंधित और व्यापक प्रभाव डालने वाले मामलों में शीघ्र सुनवाई की अपेक्षा की जाती है। हालांकि, इस विषय में सुप्रीम कोर्ट की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी सामने नहीं आई है।
UGC से जुड़े इन नियमों को लेकर यह भी कहा जा रहा है कि वे 13 जनवरी से कक्षा 12 के बाद की शैक्षणिक संस्थाओं पर लागू माने जा रहे हैं। इस संबंध में नियमों की व्याख्या और उनके व्यावहारिक प्रभावों को लेकर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
कुछ संगठनों और नागरिक समूहों ने यह प्रश्न भी उठाया है कि ऐसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक नियम किस प्रक्रिया के तहत लागू किए गए और क्या इस पर पर्याप्त सार्वजनिक विमर्श हुआ। वहीं, सरकार समर्थक पक्ष का कहना है कि UGC को नियम बनाने का वैधानिक अधिकार है और सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की गई होंगी।
इस मामले में अब तक केंद्र सरकार, (PMO), विधि मंत्रालय या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मुख्यधारा मीडिया में भी इस विषय पर सीमित कवरेज देखने को मिली है, जिस पर कुछ वर्गों ने आपत्ति दर्ज कराई है।
फिलहाल, सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तावित सुनवाई पर टिकी हैं, जहाँ यह स्पष्ट होने की उम्मीद की जा रही है कि UGC के इन नियमों की वैधानिकता और उनके क्रियान्वयन को लेकर न्यायालय क्या रुख अपनाता है।
