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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने भारत मंडपम में आयोजित ईवी एक्सपो का दौरा किया और स्वच्छ परिवहन और युवा उद्यमिता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के बारे में बताया

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार समर्थित तंत्र युवा उद्यमियों को कम निवेश में लेकिन बड़े मुनाफे वाले ईवी से संबंधित उद्यम शुरू करने में सक्षम बनाता है

PIB Delhi

नई दिल्ली, 21 दिसंबर: आज भारत मंडपम में आयोजित इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) एक्सपो के अपने दौरे के दौरान, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से लेकर रोजगार सृजन तक, इलेक्ट्रिक वाहन भारत की अगली विकास गाथा को गति दे रहे हैं।

मंत्री ने प्रदर्शकों से बातचीत की और घरेलू कंपनियों द्वारा प्रदर्शित इलेक्ट्रिक परिवहन समाधानों और मेक इन इंडिया ईवी उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला का अवलोकन किया।

अपने दौरे के दौरान, मंत्री ने प्रदर्शनी में कई स्टालों का दौरा किया और इलेक्ट्रिक वाहनों, पुर्जों और स्वच्छ गतिशीलता प्रौद्योगिकियों में भारतीय निर्माताओं द्वारा की जा रही तीव्र प्रगति को सराहा। उन्होंने स्वदेशी ईवी कंपनियों के बढ़ते आत्मविश्वास और क्षमता की प्रशंसा करते हुए इस क्षेत्र को भारत के स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ भविष्य की ओर संक्रमण का एक प्रमुख स्तंभ बताया।

मीडिया को संबोधित करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू से ही पर्यावरण संरक्षण और ई-मोबिलिटी के बारे में व्यापक जन जागरूकता पैदा करने का प्रयास किया है, साथ ही वैश्विक स्तर पर उपलब्ध नए तकनीकी विकल्पों की भी चर्चा की है। उन्होंने कहा कि भारत न केवल इन वैश्विक नवाचारों से लाभान्वित हो रहा है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और सतत परिवहन की दिशा में इस परिवर्तनकारी यात्रा में एक सक्रिय भागीदार के रूप में भी उभर रहा है।

मंत्री ने स्वच्छ ऊर्जा तंत्र में सुधारों और हालिया नीतिगत पहलों के बीच समानता बताते हुए कहा कि परमाणु ऊर्जा में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए शांति विधेयक, 2025 का पारित होना स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा स्रोतों को मजबूत करने के लिए सरकार के समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी भी स्वच्छ ऊर्जा की ओर वैश्विक बदलाव के अनुरूप है और साथ ही भारत के विकासात्मक और पर्यावरणीय लक्ष्यों को पूरा करती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की उपयोगकर्ता-अनुकूल प्रकृति के बारे में बोलते हुए, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि ईवी पारंपरिक वाहनों की तुलना में ड्राइविंग में काफी आसानी प्रदान करते हैं, जिनमें शारीरिक श्रम कम होता है और संचालन सरल होता है। उन्होंने ईवी की बहुपयोग का उल्‍लेख करते हुए कहा कि एम्बुलेंस, ई-रिक्शा, यात्री वाहन और वाणिज्यिक उपयोगों जैसे विभिन्न क्षेत्रों में इनका उपयोग बढ़ रहा है। इस प्रकार ये विविध परिवहन आवश्यकताओं के लिए उपयुक्त हैं।

मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी न केवल परिवहन, पर्यावरण और स्वच्छ ऊर्जा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि विशेष रूप से युवाओं के लिए उद्यमिता, रोजगार और आजीविका का एक शक्तिशाली इंजन बनकर उभर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में निर्मित तंत्र ने युवा उद्यमियों को सरकार से तकनीकी और वित्तीय सहायता प्राप्त करते हुए मामूली निवेश के साथ इलेक्ट्रिक वाहन से संबंधित उद्यम शुरू करने और उन्हें कम समय में उच्च कारोबार वाले उद्यमों में बदलने में सक्षम बनाया है।


डॉ. जितेंद्र सिंह ने इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में अवसरों के बारे में युवाओं के बीच जागरूकता और व्यापक पहुंच की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी नवाचार-आधारित विकास, आत्मनिर्भरता और सतत विकास का एक आशाजनक मार्ग है।

भारत मंडपम में आयोजित हो रहे ईवी एक्सपो में अग्रणी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता, स्टार्टअप, प्रौद्योगिकी प्रदाता और नीतिगत हितधारक एक मंच पर एकत्रित हुए हैं ताकि नवाचारों का प्रदर्शन किया जा सके, विचारों का आदान-प्रदान किया जा सके और मेक इन इंडिया और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप स्वच्छ और स्मार्ट मोबिलिटी की दिशा में भारत की प्रगति को गति दी जा सके।

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By udaen

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