संसद में प्रश्न : व्हिसलब्लोअर संरक्षण अधिनियम, 2014
PIB Delhi
व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन बिल, 2011 पर लोकसभा में 27.12.2011 को और राज्यसभा में 21.02.2014 को बहस हुई और इसे पारित किया गया। इसे राष्ट्रपति की स्वीकृति 09.05.2014 को प्राप्त हुई। व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2014 (संख्या 17 ऑफ 2014) भारत के राजपत्र में 12 मई 2014 को प्रकाशित हुआ। अधिनियम की धारा 1 की उपधारा (3) के प्रावधानों के अनुसार, अधिनियम के प्रावधान उस तिथि से लागू होंगे जो केंद्र सरकार आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा निर्धारित करे। सरकार द्वारा ऐसी कोई अधिसूचना जारी नहीं की गई है क्योंकि अधिनियम को लागू करने से पहले इसमें संशोधन की आवश्यकता है, जिसका उद्देश्य भारत की संप्रभुता और अखंडता, राज्य की सुरक्षा आदि को प्रभावित करने वाले खुलासों से सुरक्षा प्रदान करना है। अधिनियम में ये संशोधन करने के लिए, सरकार ने 11 मई 2015 को लोकसभा में व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन (संशोधन) विधेयक, 2015 पेश किया, जिसे लोकसभा ने 13 मई 2015 को पारित कर राज्यसभा को भेज दिया। सोलहवीं लोकसभा के भंग होने के बाद यह विधेयक निरर्थक हो गया।
जनहित प्रकटीकरण एवं मुखबिरों के संरक्षण संबंधी संकल्प, 2004 के अनुसार, केंद्रीय सतर्कता आयोग को केंद्र सरकार के किसी भी कर्मचारी या किसी केंद्रीय अधिनियम द्वारा स्थापित किसी निगम, सरकारी कंपनियों, समितियों या केंद्र सरकार के स्वामित्व या नियंत्रण वाले स्थानीय प्राधिकरणों के किसी भी कर्मचारी द्वारा भ्रष्टाचार या पद के दुरुपयोग के किसी भी आरोप पर लिखित शिकायतें या खुलासे प्राप्त करने के लिए नामित एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है।
वर्ष 2020 से 2024 तक आयोग में प्राप्त सभी पीआईडीपीआई शिकायतों से संबंधित आंकड़े अनुलग्नक-I के रूप में संलग्न हैं।
ये शिकायतें विभिन्न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों को भेजी जाती हैं और प्राप्त रिपोर्टों की आयोग में जांच की जाती है तथा उचित निर्णय लिया जाता है।
अनुलग्नक
सीवीसी में पीआईडीपीआई समाधान के अंतर्गत प्राप्त शिकायतें (2020-2024)
| वर्ष | प्राप्त और दर्ज की गई शिकायतों की संख्या | की गई कार्रवाई | कुल निस्तारण | अगले वर्ष के लिए आगे बढ़ाया गया | ||
| दर्ज की गई शिकायतों की संख्या | सतर्कता में कमी/ आवश्यक कार्रवाई के लिए संगठन को अग्रेषित किया गया | सत्यापन योग्य/जांच के लिए भेजा गया | ||||
| 2020 | 555 | 207 | 252 | 61 | 520 | 35 |
| 2021 | 1057 | 429 | 446 | 177 | 1052 | 5 |
| 2022 | 1907 | 1339 | 291 | 257 | 1887 | 20 |
| 2023 | 2030 | 1359 | 360 | 248 | 1967 | 63 |
| 2024 | 2630 | 1655 | 611 | 255 | 2521 | 109 |
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