नासिक, महाराष्ट्र:
तपोवन क्षेत्र में आगामी नासिक कुंभ मेला 2027 की व्यवस्थाओं के लिए लगभग 1700 से अधिक पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह कटाई मुख्य रूप से टॉयलेट व अन्य अस्थायी ढाँचों के निर्माण के लिए की जानी है।
स्थानीय पर्यावरण प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि तपोवन क्षेत्र न सिर्फ हरियाली से भरपूर है, बल्कि यह नासिक की आध्यात्मिक विरासत और पर्यावरणीय संवेदनशीलता से भी जुड़ा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पेड़ों की इतनी बड़ी संख्या में कटाई से स्थानीय जैव–विविधता, तापमान संतुलन, और नासिक के वायु गुणवत्ता सूचकांक पर सीधा असर पड़ेगा।
कई संगठनों ने प्रशासन से अपील की है कि कुंभ जैसे बड़े आयोजन के लिए पर्यावरण-अनुकूल समाधान, जैसे मोबाइल बायो-टॉयलेट, पोर्टेबल सैनिटेशन सिस्टम और अस्थायी संरचनाएँ अपनाई जाएँ, जिनमें स्थायी पेड़ काटने की आवश्यकता नहीं होती।
प्रशासन की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चर्चा है कि प्रस्ताव पर पुनर्विचार किया जा सकता है, यदि व्यवहार्य विकल्प प्रस्तुत किए जाते हैं।
स्थानीय नागरिकों ने सोशल मीडिया पर #SaveNashikTapovan और #Save1700Trees के नाम से अभियान भी शुरू कर दिया है।
