इन पुरस्कारों का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना में सतत हरित प्रथाओं को अपनाने में उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है
प्रविष्टि तिथि: 03 SEP 2026 5:37PM by PIB Delhi
राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्वस्थ पोधारोपण प्रथाओं को बढ़ावा देने एवं प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने ‘ग्रीन हाईवेज एक्सीलेंस अवार्ड्स’ की स्थापना की जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर हरित एवं पौधारोपण प्रबंधन में बेहतरीन प्रथाओं को मान्यता देना है। ‘ग्रीन हाईवेज़ एक्सीलेंस अवॉर्ड्स 2026’ के विजेताओं की घोषणा तीन श्रेणियों में की गई जिनमें सड़क के किनारे पौधारोपण, सड़क के बीच पौधारोपण और भूखंड में पौधारोपण सहित क्लोवर लीव्स, इंटरचेंज, टोल प्लाज़ा एवं सर्विस एरिया में पौधारोपण शामिल हैं। इसमें शामिल होने के लिए एनएचएआई के क्षेत्रीय कार्यालयों, रियायत धारकों, ठेकेदारों, सरकारी एजेंसियों, गैर-सरकारी संगठनों और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के साथ वृक्षारोपण परियोजनाओं में शामिल निजी एजेंसियों से प्रविष्टियां मंगायी गई थीं।
विजेताओं की घोषणा
श्रेणी- I: सड़क के किनारे पौधारोपण
| पहला पुरस्कार | परियोजना: आंध्र प्रदेश में एनएच 16 पर चिलकलूरिपेट बाईपास का छह लेन में विस्तार, आरओ-विजयवाड़ा के अंतर्गत |
| दूसरा पुरस्कार | परियोजना: आठ लेन वाला वडोदरा – किम एक्सप्रेसवे, वडोदरा – मुंबई एक्सप्रेसवे का पाड्रा से वडोदरा सेक्शन गुजरात में, आरओ-गांधीनगर के अंतर्गत |
| तीसरा पुरस्कार | परियोजना: एनएच-925 का गगरिया-बाखासर खंड और एनएच-925ए का सट्टा-गंधव खंड, आरओ-जयपुर के अंतर्गत |
| सांत्वना पुरस्कार | परियोजना: एनएच-210, एनएच- 336, 36 और 536 के त्रिची – कराईकुडी खंड का वार्षिक रखरखाव, जिसमें त्रिची बाईपास सहित घटना प्रबंधन शामिल, आरओ-मदुरै के अंतर्गत |
श्रेणी- II: सड़क के बीच पौधारोपण
| पहला पुरस्कार | परियोजना: हैदराबाद-यादगिरी खंड के एनएच 163 किमी का चार लेन में विस्तार, आरओ-हैदराबाद के अंतर्गत |
| दूसरा पुरस्कार | परियोजना: गुजरात में वडोदरा – मुंबई एक्सप्रेसवे का आठ लेन वाला वडोदरा – किम एक्सप्रेसवे, सनपा से पादरा खंड, आरओ-गांधीनगर के अंतर्गत |
| तीसरा पुरस्कार | परियोजना: वाराणसी रिंग रोड, पैकेज-I, एनएच-31 का हरहुआ से संदहा खंड, आरओ-यूपी पूर्व (वाराणसी) के अंतर्गत |
श्रेणी- III: भूखंड में पौधारोपण
| पहला पुरस्कार | परियोजना: एनएच-44 पर जामठा क्लोवर लीफ, ऑक्सीजन बर्ड पार्क, आरओ – नागपुर के अंतर्गत |
| दूसरा पुरस्कार | परियोजना: टोलिंग के अंतर्गत सार्वजनिक वित्त पोषित परिचालन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं का मुद्रीकरण। संचालन, रखरखाव एवं हस्तांतरण (टीओटी) बंडल-7, एनई-lI – दुहाई इंटरचेंज में भूमि पार्सल, आरओ-दिल्ली के अंतर्गत |
| तीसरा पुरस्कार | परियोजना: लखनऊ-अयोध्या रोड और लखनऊ आउटर रिंग रोड इंटरसेक्शन जंक्शन – लूप क्षेत्रों में मियावाकी प्लांटेशन, आरओ- यूपी पश्चिम (लखनऊ) के अंतर्गत |
प्रविष्टियों का नामांकन एवं मूल्यांकन
एनएचएआई के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पुरस्कारों के लिए नामांकन मंगाए गए थे। एनएचएआई को ‘ग्रीन हाईवेज़ एक्सीलेंस अवॉर्ड्स’ के लिए देश भर से 86 नामांकन प्राप्त हुए, जो एक उत्साहजनक परिणाम था। इनमें सड़क के किनारे पौधारोपण के लिए 27, सड़क के बीच पौधारोपण के लिए 36 और भूखंड में पौधारोपण के लिए 23 नामांकन शामिल थे। नामांकन के साथ प्रेजेंटेशन भी दी गई थीं जिनमें जियो-टैग की गई तस्वीरें, ड्रोन वीडियो, साइट के हिसाब से पौधारोपण योजना और पौधों के जीवित रहने की दर का डेटा शामिल था।
प्रारंभिक स्क्रीनिंग के बाद, 15 नामांकनों, प्रत्येक श्रेणी में पांच- पांच, को अंतिम मूल्यांकन के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। मूल्यांकन एक व्यापक आकलन संरचना के अंतर्गत किया गया, जिसमें बागानों के जीवित रहने की दर को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया। अन्य मापदंडों में साइट-विशिष्ट पौधारोपण कार्य योजना, पौधारोपण कार्यों का समय, गड्ढों का आकार, रोपण सामग्री की गुणवत्ता, सुरक्षा उपाय, अनुमोदित डिजाइन के अनुसार कार्यान्वयन, प्रजातियों की विविधता, उपयुक्तता एवं मूल प्रजातियों का उपयोग शामिल था। विशेष ध्यान राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में व्यापक स्तर पर दोहराए जाने की गुणवत्ता, स्थिरता, प्रभावशीलता और संभावना पर दिया गया।
एनएचएआई ने ‘ग्रीन हाईवेज़ एक्सीलेंस अवार्ड्स’ की शुरुआत 2025 में की थी, जैसा कि ग्रीन हाईवेज़ पॉलिसी, 2015 में तय किया गया था। ये पुरस्कार पूरे देश में राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क के विकास के साथ-साथ पर्यावरण की स्थिरता को बनाए रखने के प्रति एनएचएआई की प्रतिबद्धता को मज़बूत करते हैं।
