नवाचार, खाद्य सुरक्षा और वैश्विक उत्कृष्टता के साथ #ViksitBharat की ओर एक और सुदृढ़ कदम
नई दिल्ली, इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित “Nourish India 2025” के उद्घाटन सत्र में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MOFPI) ने सक्रिय और महत्वपूर्ण सहभागिता दर्ज की। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत में खाद्य प्रसंस्करण, नवाचार, उद्यमिता और खाद्य सुरक्षा के नए आयामों को गति देना रहा।

कार्यक्रम के एक्सक्लूसिव सेशन में डॉ. जे. पी. डोंगरे, उप कृषि विपणन सलाहकार, MOFPI, ने प्रधानमंत्री कृषि–सिंचित योजना (PMKSY) और PM Formalisation of Micro Food Processing Enterprises (PMFME) योजनाओं के अंतर्गत संचालित प्रमुख पहलों, उपलब्धियों और नवीन अवसरों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।

डॉ. डोंगरे ने इस दौरान MSME आधारित खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की बढ़ती भूमिका, मूल्य संवर्धन की संभावनाओं, उत्पादन गुणवत्ता में सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में मंत्रालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि—
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र भारत की आर्थिक प्रगति का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।
PMFME और PMKSY योजनाएँ लाखों उद्यमियों, किसानों और कृषि–आधारित उद्योगों के लिए अवसरों का नया द्वार खोल रही हैं।
नवाचार और तकनीकी उन्नयन भारत को वैश्विक खाद्य उद्योग के मानचित्र पर एक मजबूत स्थान दिलाएंगे।
“Nourish India 2025” में MOFPI की यह सहभागिता सुरक्षित, गुणवत्तायुक्त और पोषक खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो भारत को वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने की दिशा में तेजी ला रही है।
