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श्री प्रल्हाद जोशी 89वीं आईईसी आम बैठक का उद्घाटन करेंगे; श्री पीयूष गोयल भारत मंडपम, नई दिल्ली में आईईसी जीएम प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे

100 से अधिक देश और 2,000 से अधिक वैश्विक विशेषज्ञ भाग लेंगे

भारत निम्न वोल्टता प्रत्यक्ष धारा (एलवीडीसी) में मानकीकरण के लिए वैश्विक सचिवालय के रूप में कार्य करेगा

भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने घोषणा की है कि भारत 15 से 19 सितंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल आयोग (आईईसी) की 89वीं आम बैठक (जीएम) की मेजबानी करेगा। इस आयोजन में 100 से अधिक देशों के 2,000 से अधिक विशेषज्ञ भाग लेंगे। ये विशेषज्ञ एक टिकाऊ, पूर्णतः विद्युत-चालित और परस्पर-संबंधित विश्व को बढ़ावा देने वाले अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल मानक निर्धारित करने पर विचार-विमर्श करेंगे। 1960, 1997 और 2013 के बाद, यह चौथी बार है जब भारत प्रतिष्ठित आईईसी की आम बैठक की मेजबानी कर रहा है।

उद्घाटन समारोह का उद्घाटन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी करेंगे, जबकि केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल भारत मंडपम में आईईसी जीएम प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे। यह प्रदर्शनी भारत में इलेक्ट्रोटेक्निकल क्षेत्र में अपनी तरह की सबसे बड़ी प्रदर्शनी होगी, जिसमें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, स्मार्ट लाइटिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी विनिर्माण में नवाचारों का प्रदर्शन किया जाएगा। यह भारतीय स्टार्ट-अप्स के लिए एक वैश्विक नेटवर्किंग मंच प्रदान करेगी।

भारत निम्न वोल्टता प्रत्यक्ष धारा (एलवीडीसी) के क्षेत्र में मानकीकरण के लिए वैश्विक सचिवालय के रूप में भी कार्य करेगा। यह स्वच्छ और प्रदूषण-मुक्त ऊर्जा समाधानों के लिए एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है। आईईसी के उपाध्यक्ष श्री विमल महेंद्रू ने बताया कि आईईसी के सदस्यों में लगभग 170 देश शामिल हैं। ये देश विश्व की 99 प्रतिशत जनसंख्या का प्रतिनिधित्व करते हैं और मूल्य के संदर्भ में वैश्विक व्यापार के लगभग 20 प्रतिशत व्‍यापार पर प्रभाव डालते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एलवीडीसी मानकीकरण में भारत का नेतृत्व स्वच्छ प्रौद्योगिकी मानकों को विकसित करने के वैश्विक प्रयासों को मजबूत करेगा।

बीआईएस के महानिदेशक श्री प्रमोद कुमार तिवारी ने छात्र के लिए अध्यायों और एक निर्धारित छह महीने के इंटर्नशिप कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा के साथ गुणवत्ता और मानकीकरण को एकीकृत करने के ब्यूरो के प्रयासों पर जोर दिया। ये युवा पेशेवरों को उद्योगों और मानक विकास प्रक्रिया से परिचित कराएंगे। आईईसी के युवा पेशेवर कार्यक्रम के तहत, विश्‍व भर से 93 युवा पेशेवर अगली पीढ़ी के तकनीकी नेतृत्‍व को तैयार करने के लिए कार्यशालाओं, बूट कैंप और उद्योगों के दौरों में भाग लेंगे। इस पत्रसार के दौरान बीआईएस के महानिदेशक, श्री संजय गर्ग भी उपस्थित थे।

आम बैठक में अगली पीढ़ी के मानकों को रूप देने के लिए 150 से ज्‍यादा तकनीकी और प्रबंधन समितियों की बैठकें होंगी, साथ ही प्रमुख उभरते क्षेत्रों – एक स्थायी विश्व को बढ़ावा देना (15 सितंबर), कृत्रिम बुद्धिमत्ता: नवाचार से भविष्य को आकार देना (16 सितंबर), ई-मोबिलिटी के भविष्य को आकार देना (17 सितंबर), और मानकों के माध्यम से एक अधिक समावेशी विश्व का निर्माण और एक पूर्णतः विद्युत-संचालित एवं कनेक्टेड समाज का निर्माण (18 सितंबर) –  पर केंद्रित कार्यशालाओं की एक श्रृंखला भी होगी। आईईसी के संचार निदेशक, श्री जेम्स वुड ने कहा कि वैश्विक सर्वेक्षणों से स्वच्छ और हरित समाधानों के लिए जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने भारत को ‘‘एक वास्तविक स्थिरता चैंपियन’’ बताया जिससे नई दिल्ली इस वैश्विक संवाद के लिए एक आदर्श मेजबान बन गया है।

भारत मंडपम में बीआईएस द्वारा आयोजित आईईसी जीएम प्रदर्शनी में अग्रणी उद्योगों, संगठनों और स्टार्ट-अप्स सहित 75 प्रदर्शक भाग लेंगे, जो यह प्रदर्शित करेंगे कि अंतर्राष्ट्रीय मानक उत्पाद विकास और नवाचार को कैसे प्रेरित करते हैं। यह प्रदर्शनी 16 से 19 सितंबर 2025 तक दोपहर 2:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक जनता के लिए खुली रहेगी, और https://gm2025.iec.ch/ पर पूर्व पंजीकरण के माध्यम से प्रवेश निःशुल्क है। आगंतुक द्वार संख्या 10 और द्वार संख्या 4 से प्रदर्शनी स्थल तक पहुंच सकते हैं। स्कूलों और कॉलेजों के 2,000 से अधिक छात्रों के प्रदर्शनी देखने आने की उम्मीद है।

‘‘एक सतत विश्व को बढ़ावा देना’’ विषय को दर्शाते हुए, बीआईएस मंडप में आने वाले आगंतुकों को एक डिजिटल स्थिरता प्रतिज्ञा लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रत्येक प्रतिज्ञा के लिए, बीआईएस भारत में अपने कार्यालयों में एक पौधा लगाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और मजबूत होगी।

1906 में स्थापित, अंतर्राष्ट्रीय इलेक्ट्रोटेक्निकल आयोग (आईईसी) विद्युत, इलेक्ट्रॉनिक और संबंधित प्रौद्योगिकियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक विकसित करने वाली विश्‍व की अग्रणी संस्था है। इसके पास विश्‍व भर में 30,000 विशेषज्ञों का नेटवर्क है।


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By udaen

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