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श्री जाधव ने माउंट आबू में मन-शरीर चिकित्सा पर राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया

श्री जाधव ने ब्रह्माकुमारीज़ के औषधीय वृक्षारोपण प्रयासों को राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के समर्थन का आश्वासन दिया

श्री जाधव ने ब्रह्माकुमारीज़ के आध्यात्मिक कार्यों की सराहना की, माउंट आबू में ध्यान सत्र में भाग लिया

केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने माउंट आबू का एक दिवसीय दौरा कर समग्र स्वास्थ्य और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने संबंधी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

श्री जाधव ने ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा “मन-शरीर चिकित्सा: स्व-देखभाल माध्यम से स्वास्थ्य सेवा नेतृत्व” पर ज्ञान सरोवर में आयोजित 51वें राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया । श्री जाधव ने अपने संबोधन में, ध्यान, आंतरिक शक्ति और समग्र जीवन के संदेश के प्रसार में ब्रह्माकुमारीज़ के दशकों के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्व-देखभाल पर ब्रह्माकुमारीज़ का ज़ोर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के पूर्णतया अनुरूप है, जो आधुनिक स्वास्थ्य सेवा को भारत की आध्यात्मिक विरासत के साथ समेकित करने के पक्षधर हैं। श्री जाधव ने कहा कि भारत के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में तेज़ी से प्रगति के साथ ही ये पहल रेखांकित करती हैं कि सच्चा स्वास्थ्य मन, शरीर और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करना है।

श्री जाधव ने ज्ञान सरोवर में ब्रह्माकुमारी शिवानी दीदी के साथ सार्थक चर्चा भी की। उन्होंने विश्वव्यापी मान्यता प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तरह ही समर्पित “ध्यान दिवस” ​​मनाने के उनके प्रस्ताव की सराहना की और इस पर अपना समर्थन व्यक्त किया।

श्री जाधव ने एक महत्वपूर्ण घोषणा में, कहा कि राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड (एनएमपीबी) ब्रह्माकुमारीज के कृषि प्रभाग के नेतृत्व में वृक्षारोपण पहल का समर्थन करेगा, जिससे समग्र स्वास्थ्य प्रचलन में औषधीय और आध्यात्मिक पौधों के उपयोग को बढ़ावा मिले।

श्री जाधव ने ब्रह्माकुमारीज़ के कई प्रमुख संस्थानों का भ्रमण किया, जिनमें शांति स्तंभ, ग्लोबल हॉस्पिटल, पांडव भवन और कला दीर्घ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये स्थान सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक शांति का संचार करते हैं, जिससे वहां आने वालों को गहन आंतरिक शांति और भावनात्मक संतुलन का अनुभव होता है।

श्री जाधव ने एक ध्यान सत्र में भी भाग लिया, और इसे आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि ऐसे अनुभव आंतरिक शक्ति को बढ़ाते हैं, मानसिक एकाग्रता को प्रखर बनाते हैं और अधिक संतुलित एवं सकारात्मक जीवन जीने के मार्गदर्शक प्रकाशपुंज का काम करते हैं।

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By udaen

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