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स्कूलों के साथ आंगनवाड़ियों की स्‍थापना से बाल्यावस्था देखभाल से औपचारिक स्कूली शिक्षा में आसान परिवर्तन सुनिश्चित होगा और बच्चों के समग्र विकास में योगदान मिलेगा: श्रीमती अन्नपूर्णा देवी

ये दिशानिर्देश राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए इस एकीकृत मॉडल को आगे बढ़ाने और एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त युवा पीढ़ी का प्रधानमंत्री का स्‍वप्‍न साकार करने के लिए एक महत्वपूर्ण रोडमैप के रूप में काम करेंगे: श्रीमती अन्नपूर्णा देवी

प्रविष्टि तिथि: 03 SEP 2025 8:52PM by PIB Delhi

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (एमओडब्‍ल्‍यूसीडी) ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईऔरएल), शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से आज (3 सितम्‍बर 2025) विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों को स्कूलों के साथ स्‍थापित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए।

इस कार्यक्रम में केन्‍द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान भी उपस्थित थे। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

“आंगनवाड़ी से स्कूल तक – एक परिसर, एक स्‍वप्‍न।” यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के विकसित भारत में मानव पूंजी का एक मज़बूत आधार बनाने की कल्‍पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ये दिशानिर्देश एक ही परिसर में आंगनवाड़ी केन्‍द्रों और स्कूलों के एकीकृत मॉडल के माध्यम से प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ईसीसीई) के महत्व पर प्रकाश डालते हैं। 2.9 लाख से ज़्यादा आंगनवाड़ी केन्‍द्र पहले से ही स्कूल परिसरों में स्थित हैं, इसलिए ये दिशानिर्देश संचालन संबंधी स्पष्टता प्रदान करते हैं और राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को इस मॉडल को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम बनाएंगे।

इस अवसर पर, केन्‍द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि स्कूलों के साथ आंगनवाड़ी स्‍थापित करने, बच्चों की अध्‍ययन यात्रा की नींव को मज़बूत करता है। यह प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल से औपचारिक स्कूली शिक्षा तक एक सहज परिवर्तन सुनिश्चित करता है और बच्चों के समग्र विकास में योगदान देता है। ये दिशानिर्देश राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों के लिए इस एकीकृत मॉडल को आगे बढ़ाने और एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त युवा पीढ़ी के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु एक महत्वपूर्ण रोडमैप के रूप में काम करेंगे।

केन्‍द्रीय शिक्षा मंत्री, श्री धर्मेन्‍द्र प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा आजीवन सीखने का आधार बनती है। आंगनवाड़ियों को स्कूलों के साथ जोड़कर, हम शुरू से ही एक सहज और सक्षम शिक्षण वातावरण का निर्माण कर रहे हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय का यह संयुक्त प्रयास न केवल बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता को मज़बूत करेगा, बल्कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत की मानव पूँजी के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

इन दिशानिर्देशों के जारी होने से अंतर-मंत्रालयी तालमेल को और अधिक मजबूती मिलने तथा राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक बच्चे के लिए समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश

इन दिशानिर्देशों के जारी होने से अंतर-मंत्रालयी तालमेल को और अधिक मजबूती मिलने तथा राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों को प्रत्येक बच्चे के लिए समग्र विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

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आंगनवाड़ी केन्‍द्र स्कूलों के साथ स्थापित करने के लिए दिशानिर्देश


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By udaen

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