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केंद्र ने राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय राहत प्रदान करते हुए, बोरियों के उपयोग शुल्क में लगभग 40% की वृद्धि की: उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने आज कहा कि केंद्र सरकार ने देश में राज्य सरकारों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए बोरियों के उपयोग शुल्क में लगभग 40% की वृद्धि की है।

उन्होंने कहा कि इस निर्णय का उद्देश्य खरीद संचालन को सुचारू बनाना है जिससे सतत पैकेजिंग प्रथाओं को समर्थन मिल सके तथा इससे खाद्यान्न खरीद एवं वितरण में केंद्र-राज्य सहयोग भी मजबूत होगा।

केंद्र सरकार को विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों से संशोधन के लिए अनुरोध प्राप्त हुए जिसके बाद भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने एक समिति का गठन किया। पैकेजिंग शुल्कों की व्यापक समीक्षा करने के लिए गठित समिति में राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों एवं भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के सदस्य शामिल थे। आंध्र प्रदेश, पंजाब, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और हरियाणा की राज्य सरकारों ने समिति को अपने सुझाव दिए।

समिति की सिफारिशों के आधार पर, भारत सरकार ने उपयोग शुल्क को 7.32 रुपये प्रति प्रयुक्त बैग से संशोधित कर 10.22 रुपये प्रति प्रयुक्त बैग या राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश द्वारा वहन की गई वास्तविक लागत, जो भी कम हो, कर दिया है। पुराने बोरों के उपयोग शुल्क को केएमएस 2017-18 से केएमएस 2024-25 तक नए बोरों की लागत में वृद्धि के अनुपात में बढ़ाया गया है। संशोधित दर केएमएस 2025-26 से लागू होगी।

खरीद का मौसमप्रति बैग उपयोग शुल्क (रुपये. में)% बढ़ोतरी
केएमएस 2018-19 से केएमएस 2024-25/आरएमएस 2025-26 तक7.32    39.60%
केएमएस 2025-26 से आगे10.22


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By udaen

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