आत्मनिर्भर भारत अभियान- खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वोकल फॉर लोकल
आत्मनिर्भर भारत अभियान – खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में वोकल फॉर लोकल के हिस्से के रूप में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (एमओएफपीआई) तमिलनाडु सहित देश में सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की स्थापना/उन्नयन के लिए वित्तीय, तकनीकी और व्यावसायिक सहायता प्रदान करने के लिए केंद्र प्रायोजित “पीएम फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (पीएमएफएमई) योजना” लागू कर रहा है। यह योजना 10,000 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ 2020-21 से 2025-26 तक चालू है। योजना का लक्ष्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना तथा क्षेत्र के औपचारिकीकरण को बढ़ावा देना है।
देश भर में क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के लिए पात्र आवेदकों को कुल 1,44,517 ऋण मंजूर किए गए हैं। इनमें से 30 जून 2025.तक तमिलनाडु के लिए 15,828 ऋण स्वीकृत किए गए हैं। तमिलनाडु राज्य सहित राज्य-वार स्वीकृत ऋण अनुबंध-I में दिए गए हैं।
पीएमएफएमई योजना को सूक्ष्म उद्यमों के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। स्कीम का उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के असंगठित क्षेत्र में नए और मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना और क्षेत्र के औपचारिककरण को बढ़ावा देना है। पीएमएफएमई स्कीम के अंतर्गत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को उपलब्ध वित्तीय सहायता का ब्यौरा अनुबंध-2 में दिया गया है।
पीएमएफएमई स्कीम के क्षमता निर्माण घटक में सभी आवेदकों के लिए खाद्य प्रसंस्करण उद्यमशीलता विकास कार्यक्रम/प्रशिक्षण की परिकल्पना की गई है। इसकी सिफारिश जिला स्तरीय समिति (डीएलसी) द्वारा की गई है ताकि क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी का लाभ उठाया जा सके और खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों में लगे बीज पूंजी के स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) के लाभार्थियों को प्रशिक्षण भी दिया जा सके।
संबंधित राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपडेट किए गए पीएमएफएमई प्रशिक्षण पोर्टल के अनुसार इस योजना के अंतर्गत 30 जून, 2025 तक 1,11,873 लाभाथयों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
यह जानकारी खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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अनुलग्नक- I
30 जून, 2025 तक पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी के लिए स्वीकृत राज्यवार ऋण का विवरण
| क्रम संख्या | राज्य | स्वीकृत ऋण (संख्या) |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह | 18 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 7248 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 112 |
| 4 | असम | 3353 |
| 5 | बिहार | 25349 |
| 6 | चंडीगढ़ | 5 |
| 7 | छत्तीसगढ़ | 1050 |
| 8 | दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव | 11 |
| 9 | दिल्ली | 299 |
| 10 | गोवा | 116 |
| 11 | गुजरात | 780 |
| 12 | हरियाणा | 1453 |
| 13 | हिमाचल प्रदेश | 1883 |
| 14 | जम्मू और कश्मीर | 1577 |
| 15 | झारखंड | 3771 |
| 16 | कर्नाटक | 6739 |
| 17 | केरल | 6978 |
| 18 | लद्दाख | 86 |
| 19 | लक्षद्वीप | 0 |
| 20 | मध्य प्रदेश | 9910 |
| 21 | महाराष्ट्र | 24380 |
| 22 | मणिपुर | 301 |
| 23 | मेघालय | 209 |
| 24 | मिजोरम | 43 |
| 25 | नागालैंड | 393 |
| 26 | ओडिशा | 2239 |
| 27 | पुडुचेरी | 179 |
| 28 | पंजाब | 2795 |
| 29 | राजस्थान | 1145 |
| 30 | सिक्किम | 62 |
| 31 | तमिलनाडु | 15828 |
| 32 | तेलंगाना | 7005 |
| 33 | त्रिपुरा | 211 |
| 34 | उत्तर प्रदेश | 17818 |
| 35 | उत्तराखंड | 929 |
| 36 | पश्चिम बंगाल | 242 |
| महा योग | 144517 | |
अनुलग्नक – II
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिककरण (पीएमएफएमई) योजना के अंतर्गत उपलब्ध वित्तीय सहायता का विवरण निम्नानुसार है:
- (व्यक्तिगत/समूह श्रेणी के सूक्ष्म उद्यमों को सहायता: पात्र परियोजना लागत का @35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी, अधिकतम सीमा 10 लाख रुपये प्रति यूनिट;
- बीज पूंजी के लिए एसएचजी को सहायता: कार्यशील पूंजी और छोटे औजारों की खरीद के लिए खाद्य प्रसंस्करण में लगे एसएचजी के प्रति सदस्य @ 40,000 रुपये प्रति एसएचजी फेडरेशन अधिकतम 4 लाख रुपये के अधीन बीज पूंजी
- सामान्य अवसंरचना के लिये समर्थन: क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी @35 प्रतिशत अधिकतम 3 करोड़ रुपये के अधीन एफपीओ, एसएचजी, सहकारी समितियों और किसी भी सरकारी एजेंसी को सामान्य बुनियादी ढांचे की स्थापना के लिए समर्थन देने के लिए। सामान्य अवसंरचना अन्य इकाइयों और जनता के लिए क्षमता के पर्याप्त हिस्से के लिए किराए के आधार पर उपयोग करने के लिए भी उपलब्ध होगी।
- ब्रांडिंग और विपणन सहायता: एफपीओ/एसएचजी/सहकारी समितियों या सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों के एसपीवी समूहों को ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए 50प्रतिशत तक अनुदान।
- क्षमता निर्माण: इस योजना में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की आवश्यकता को पूरा करने और उत्पाद विशिष्ट कौशल को पूरा करने के लिए संशोधित उद्यमिता विकास कार्यक्रम (ईडीपी) के लिए प्रशिक्षण की परिकल्पना की गई है।
