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विश्व हीमोफीलिया दिवस पर पूरे देश में रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए


इसका विषय – ‘सभी के लिए पहुंच: महिलाओं और बालिकाओं को भी रक्तस्राव होता है’

केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (डीईपीडब्ल्यूडी) ने विश्व हीमोफीलिया दिवस पर पूरे देश में अपने राष्ट्रीय संस्थानों और समग्र क्षेत्रीय केंद्रों (सीआरसी) के माध्यम से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

यह दिवस प्रत्येक वर्ष 17 अप्रैल को रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए एक वैश्विक स्वास्थ्य सेवा पहल के रूप में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य स्थानीय नीति निर्माताओं के साथ सहयोग के माध्यम से हीमोफीलिया के बेहतर नियंत्रण और रोकथाम को प्रोत्साहन देना है। इसके साथ ही प्रभावित लोगों के लिए बेहतर उपचार और देखभाल भी सुनिश्चित करना है।

विश्व हीमोफीलिया दिवस 2025 का विषय था, ‘सभी के लिए पहुँच: महिलाओं और बालिकाओं को भी रक्तस्राव होता है’। यह रक्तस्राव विकारों से पीड़ित महिलाओं और बालिकाओं के लिए बेहतर निदान और उपचार की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। इसका उद्देश्य देश भर की महिलाओं के लिए देखभाल तक समान पहुँच सुनिश्चित करना है।

17 अप्रैल 2025 को, ओडिशा में कटक के स्वामी विवेकानंद राष्ट्रीय पुनर्वास प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एसवीएनआईआरटीएआर) ने स्वास्थ्य पेशेवरों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के बीच इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने हीमोफीलिया से संबंधित जानकारी, रोकथाम और निदान पर चर्चा की।

पश्चिम बंगाल में कोलकाता के राष्ट्रीय गति-संचालन दिव्यांग संस्थान (एनआईएलडी) ने इस अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम और वेबिनार का आयोजन किया। संस्थान के पुनर्वास नर्सिंग विभाग ने हीमोफीलिया के लक्षणों और रोकथाम पर स्वास्थ्य वार्ता आयोजित की। इस क्षेत्र के पेशेवरों ने इस दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में लगभग 130 दिव्यांगजन/रोगी और उनके देखभाल करने वालों ने भाग लिया।

मध्य प्रदेश के सीहोर में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास संस्थान (एनआईएमएचआर) ने इस विकार के बारे में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रभावशाली शैक्षिक, सांस्कृतिक और समुदाय-आधारित कार्यक्रमों की एक श्रृंखला के साथ यह दिवस मनाया।

नेल्लोर के समग्र क्षेत्रीय केंद्र (सीआरसी) ने नर्सिंग महाविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए रक्तस्राव विकारों के बारे में जागरूकता सत्र आयोजित किए और भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया। इस कार्यक्रम में समग्र क्षेत्रीय केंद्र का स्टाफ, डी.एड प्रशिक्षुओं और दिव्यांगजनों के माता-पिता सहित लगभग 150 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

समग्र क्षेत्रीय केंद्र त्रिपुरा ने एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें संस्थान के अधिकारियों और विशेषज्ञों ने हीमोफीलिया के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। समग्र क्षेत्रीय केंद्र राजनांदगांव ने रक्तदान शिविर का आयोजन किया, जबकि एनआईईपीआईडी ​​के क्षेत्रीय केंद्र, नवी मुंबई ने ‘हीमोफीलिया: देखभाल और पुनर्वास’ विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया।

समग्र क्षेत्रीय केंद्र दावणगेरे, समग्र क्षेत्रीय केंद्र जयपुर, तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अंतर्गत आने वाले कई अन्य राष्ट्रीय संस्थानों और समग्र क्षेत्रीय केंद्रों ने भी इस अवसर पर जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की।

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By udaen

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