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विधि एवं न्‍याय मंत्रालय

azadi ka amrit mahotsav

विधि विभाग भारत के गणतंत्र के रूप में 75वें वर्ष और भारत के संविधान को अंगीकार का जश्न मनाने के लिए पूरे साल चलने वाला ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान’ नामक राष्ट्रव्यापी अभियान लागू कर रहा है। इस अभियान का शुभारंभ 24 जनवरी, 2024 को उपराष्ट्रपति ने किया था। इसके बाद, अभियान का विस्तार सुनिश्चित करने के लिए बीकानेर, राजस्थान में 9 मार्च, 2024 को, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में 16 जुलाई, 2024 को और गुवाहाटी, असम में 19 नवंबर, 2024 को तीन क्षेत्रीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं। अभियान का उद्देश्य भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों के प्रति हमारी सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि करना और हमारे राष्ट्र को एकजुट करने वाले साझा मूल्यों का जश्न मनाना है।

16 जुलाई, 2024 को प्रयागराज में दूसरे क्षेत्रीय कार्यक्रम के दौरान शुरू किया गया ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान पोर्टल’ संविधान और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए ज्ञान भंडार के रूप में कार्य करता है। यह वेब पोर्टल https://www.hamarasamvidhan.gov.in/ पर उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त, इस अभियान ने मायगॉव के सहयोग से आयोजित ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के जरिए लोगों को जोड़ा जिससे नागरिकों को संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में अपनी समझ को गहरा करने के लिए प्रेरित किया गया है।

“हमारा संविधान हमारा सम्मान पोर्टल” का प्राथमिक उद्देश्य नागरिकों के बीच संविधान में निहित उनके मौलिक अधिकारों तथा कर्तव्यों और कानूनी सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। पोर्टल का उद्देश्य लोगों को सहजता से कानूनी ज्ञान उपलब्ध कराकर उन्हें उनके अधिकारों का प्रभावी ढंग से उपयोग करने के लिए आवश्यक जानकारी प्रदान करना है। इसके अलावा, संविधान के महत्व और न्याय, समानता तथा लोकतंत्र को बनाए रखने में इसकी भूमिका की गहरी समझ को बढ़ावा देकर, पोर्टल से नागरिकों के बीच संविधान के प्रति अधिक सम्मान और श्रद्धा पैदा करने की उम्मीद है। संवैधानिक साक्षरता को बढ़ावा देना लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की कुंजी है कि नागरिक उन कानूनों का सम्मान करें जो उन्हें नियंत्रित करते हैं।

यह पोर्टल एक सुलभ और उपयोगकर्ता के अनुकूल मंच के रूप में कार्य करता है जो संविधान के विभिन्न प्रावधानों, प्रमुख कानूनी अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों पर व्यापक जानकारी देता है। परस्पर संवाद करने के साधन, वीडियो सामग्री और पाठ संसाधनों के माध्यम से, नागरिक संविधान के ऐतिहासिक महत्व, इसके निर्माताओं तथा संविधान के प्रावधानों के बारे में जान सकते हैं। उन्हें यह भी पता चलता है कि कैसे उनके दैनिक जीवन में उनके अधिकारों और कर्तव्यों की रक्षा की जाती है।

यह पोर्टल क्विज़, क्रॉसवर्ड और प्रस्तावना तथा पंच प्रण के पढ़ने में भाग लेने के अवसर जैसी संवादमूलक सुविधाएं प्रदान करके नागरिकों को सक्रिय रूप से जोड़ने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आज तक 1.29 लाख नागरिक देश भर में ‘हमारा संविधान हमारा सम्मान’ अभियान के तहत पंच प्रण गतिविधि में भाग ले चुके हैं।

यह अभियान नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में आवश्यक ज्ञान के साथ सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक गतिशील मंच के रूप में कार्य करता है। इस अभियान में भाग लेना व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर प्रगति, समावेशिता और सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित राष्ट्र के निर्माण के सामूहिक प्रयास में एकजुट होने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

यह राष्ट्रव्यापी पहल प्रत्येक नागरिक को विभिन्न तरीकों से इसमें भाग लेने के अवसर प्रदान करती है, जिससे उन्हें अपने तीन उप-अभियानों – सबको न्याय हर घर न्याय, नव भारत नव संकल्प और विधि जागृति अभियान के माध्यम से सार्थक योगदान करने का अधिकार मिलता है। पहला उप-अभियान, सबको न्याय हर घर न्याय का उद्देश्य 2.5 लाख ग्राम पंचायतों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के ग्राम स्तरीय उद्यमियों (वीएलई) के नेटवर्क के माध्यम से नागरिकों को क्षेत्रीय भाषाओं में पंच प्राण प्रतिज्ञा पढ़ने के लिए प्रेरित करके सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के बावजूद सभी को न्याय सुनिश्चित करना है। नागरिकों के लिए “न्याय सेवा मेला” नामक नागरिक-केंद्रित सेवा मेले भी आयोजित किए गए हैं। इसके अलावा, देश के 500 आकांक्षी ब्लॉकों में लगे न्याय सहायकों द्वारा घर-घर जाकर जागरूकता प्रदान की जा रही है।

इस अभियान का दूसरा उप-विषय ’नव भारत नव संकल्प‘ है। इसके अंतर्गत संविधान क्विज़ प्रतियोगिता (संविधान के प्रावधानों पर आधारित, इसमें 53222 लोगों ने भाग लिया, जिसमें से 1000 प्रविष्टियां चुनी गईं), पंच प्राण रंगोत्सव (पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता जिसमें 876 लोगों ने भाग लिया) और पंच प्राण अनुभव (रील बनाने की प्रतियोगिता जिसमें 830 लोगों ने भाग लिया) जैसी ऑनलाइन प्रतियोगिताएं मायगॉव प्लेटफ़ॉर्म पर आयोजित की गईं। इनके विजेताओं को 16.07.2024 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित दूसरे क्षेत्रीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।

तीसरा उप-विषय अर्थात् विधि जागृति अभियान में जमीनी स्तर की पहल और शैक्षिक प्रयासों के माध्यम से कानूनी साक्षरता तथा जागरूकता को बढ़ावा देना शामिल है। इस उप-अभियान के अंतर्गत, ग्राम विधि चेतना नामक गतिविधि है जिसमें छात्र अपने संबंधित प्रो बोनो क्लब के तहत गोद लिए गए गांवों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम चलाते हैं। आज तक, विधि विद्यालयों के माध्यम से 10,000 विस्तार कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। वंचित वर्ग सम्मम नामक गतिविधि में संवैधानिक शिक्षा को बढ़ावा देने की परिकल्पना की गई है, जिसके अंतर्गत इग्नू और दूरदर्शन समाज में हाशिए पर रह रहे समूहों के अधिकारों पर ऑनलाइन कार्यशालाएं/वेबिनार आयोजित कर रहे हैं। इस उप अभियान के तहत नारी भागीदारी एक गतिविधि है जिसका उद्देश्य लिंग आधारित मुद्दों पर ऑनलाइन कार्यशालाएं/वेबिनार आयोजित करना है। अभियान के तीसरे उप विषय में अब तक कुल 65.80 लाख लोगों को जोड़ा गया है।

यह जानकारी आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने दी।

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एमजी/केसी/एके/एसके  

(रिलीज़ आईडी: 2079143) आगंतुक पटल : 35

इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English Urdu Tamil

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By udaen

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