अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु नील गगन दिवस के अवसर पर नौ सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एनसीएपी शहरों को पुरस्कृत किया गया। इसे स्वच्छ वायु दिवस के रूप में भी मनाया जाता है
प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हम स्वच्छ वायु और नीले आकाश के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री
नीले आकाश के लिए हरी-भरी धरती आवश्यक है और मोदी सरकार वाहन स्क्रैप नीति, कचरे से कंचन, एक पेड़ मां के नाम जैसी योजनाओं और अभियानों के माध्यम से पृथ्वी के प्रदूषण को कम करके हमारी हवा को स्वच्छ बनाने के लिए काम कर रही है: श्री भूपेंद्र यादव
मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने बताया कि राजस्थान में 07 करोड़ पौधे रोपे गए हैं और इस उपलब्धि के लिए सभी विभागों द्वारा किए गए उत्साहपूर्ण कार्य के लिए सराहना की
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव और राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा की गरिमामयी उपस्थिति में 07 सितंबर, 2024 को जयपुर में अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु नील गगन दिवस (स्वच्छ वायु दिवस) मनाया गया। इस कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री संजय शर्मा और राजस्थान सरकार के केंद्रीय शहरी विकास और स्थानीय स्वशासन राज्य मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा भी उपस्थित थे। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस वर्ष के आयोजन की मेजबानी की।

इस अवसर पर, एनसीएपी कार्यक्रम के सार, इसमें शामिल एजेंसियों के योगदान और 131 एनसीएपी शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार को दर्शाने वाला एक आकर्षक वीडियो प्रदर्शित किया गया। बताया गया कि केंद्रित कार्रवाई, संसाधनों के सम्मिश्रण और प्रभावी निगरानी ने 95 शहरों में वायु प्रदूषण में कमी के रुझान के साथ सकारात्मक परिणाम दर्शाए हैं। 51 शहरों ने आधार वर्ष 2017-18 के संबंध में पीएम10 के स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक की कमी दिखाई है और इनमें से 21 शहरों ने 40 प्रतिशत से अधिक की कमी हासिल की है।

कार्यक्रम के दौरान ‘व्यवहार्य प्रौद्योगिकियों और कार्य प्रणालियों पर संग्रह: एनसीएपी शहरों से सबक’ नामक एक दस्तावेज का विमोचन किया गया। इसमें स्थानीय संदर्भों और आवश्यकताओं के अनुरूप वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए शहरों द्वारा की गई पहलों के उदाहरण प्रदर्शित किए गए। इसके अलावा, जयपुर प्रदर्शनी और सम्मेलन केंद्र के ‘मातृ वन’ में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत 100 पौधे भी लगाए गए।

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार श्रेणी-1 (10 लाख से अधिक जनसंख्या) के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एनसीएपी शहरों सूरत, जबलपुर और आगरा को ; श्रेणी-2 (3 से 10 लाख के बीच की जनसंख्या) फिरोजाबाद, अमरावती और झांसी को; और श्रेणी-3 (3 लाख से कम जनसंख्या) रायबरेली, नलगोंडा और नालागढ़ को प्रदान किए गए। विजेता शहरों के नगर आयुक्तों को नकद पुरस्कार, ट्रॉफी और प्रमाणपत्र से सम्मानित किया गया।


केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने विजेता शहरों को बधाई देते हुए और अन्य एनसीएपी शहरों को प्रोत्साहित करते हुए, बहु-हितधारक भागीदारी की आवश्यकता पर जोर देने के साथ-साथ, स्वच्छ वायु में निवेश को बढ़ाने और वायु प्रदूषण को दूर करने के लिए साझा जिम्मेदारी को अपनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने उपस्थित लोगों को याद दिलाया कि ‘प्रकृति हमें अपना सर्वश्रेष्ठ देती है और हमें भी प्रकृति को अपना सर्वश्रेष्ठ देना चाहिए।’
Addressing event to mark International Day of Clean Air for Blue Skies in Jaipur https://t.co/qbhjybSk5s— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2024
उन्होंने वायु गुणवत्ता पूर्वानुमान के लिए केंद्रीय कमान निगरानी सुविधा, जन भागीदारी पहल, वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीकी क्रियाकलाप आदि जैसी विभिन्न रणनीतिक पहल करने के लिए छोटे शहरों और कस्बों सहित शहरों की सराहना की। इसमें शामिल सभी एजेंसियों का सामूहिक प्रयास है कि आधार वर्ष 2017 के बाद से अधिकांश एनसीएपी शहरों में वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ है।

उन्होंने युवा वैज्ञानिकों, अनुसंधानकर्ताओं और छात्रों को ‘आईडियाज फॉर लाइफ’ अभियान में भाग लेने और मिशन लाइफ के सात विषयों, अर्थात् जल बचाओ, ऊर्जा बचाओ, अपशिष्ट कम करो, ई-कचरा कम करो, एकल उपयोग प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करो, सतत खाद्य प्रणाली अपनाओ और स्वस्थ जीवन शैली अपनाओ पर अभिनव विचार/समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
आज जयपुर में स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर कार्यक्रम को राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp जी की उपस्थिति में सम्बोधित किया।
भारत सरकार पीएम श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में ‘स्वच्छ वायु नील गगन’ के लिए लगातार प्रयासरत है। नील गगन के लिए एक हरी-भरी धरती अनिवार्य है… pic.twitter.com/zzHj4iQHbZ— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2024
उन्होंने मिशन लाइफ के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने और देश में पर्यावरण की गुणवत्ता में सुधार करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान के लिए राजस्थान सरकार को बधाई दी और इस दिवस की मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया।
स्वच्छ वायु दिवस के अवसर पर, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री ने जयपुर में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (एनसीएपी) की शीर्ष समिति की चौथी बैठक की अध्यक्षता भी की। उन्होंने जयपुर में पौधारोपण भी किया।
On the occasion of National Swachh Vayu Diwas, chaired the 4th meeting of Apex Committee of National Clean Air Programme (NCAP) in Jaipur.
Reviewed the implementation of national, state and city clean air action plans implemented in 131 cities across India. Congratulated 95… pic.twitter.com/kcXxyeuDJG— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2024
आज जयपुर में “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत राज्य सरकार में मंत्री श्री @Sanjay4India1 जी के साथ पौधारोपण किया। pic.twitter.com/ATpCokkE6o— Bhupender Yadav (@byadavbjp) September 7, 2024
राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने अपने संबोधन में स्वच्छ और हरित पर्यावरण के लिए प्रधानमंत्री के आह्वान को दोहराया, जैसा कि स्वच्छ भारत मिशन और ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य में 07 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं और उन्होंने सभी विभागों को उनके उत्साहपूर्ण कार्य के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सांस्कृतिक रूप से हम समाज का संरक्षण कर रहे हैं, प्रकृति का सम्मान करते हैं और अपनी नदियों की पूजा करते हैं। हमें इसे ध्यान में रखना चाहिए और अधिक समग्र, पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को अपनाने का प्रयास करना चाहिए। इस वर्ष के आयोजन की थीम- ‘स्वच्छ वायु में निवेश करें’ पर ध्यान केंद्रित करते हुए, उन्होंने स्वच्छ वायु और जीवन की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए हमारे समय, संसाधनों और प्रयासों का निवेश करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने राजस्थान राज्य में वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए की गई विभिन्न कार्रवाइयों की जानकारी दी, जिसमें पांच गैर-प्राप्ति शहरों पर ध्यान केंद्रित किया गया। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि राज्य एक ‘ग्रीन ग्रोथ बजट’ तैयार करेगा और महत्वपूर्ण इंटरसिटी और इंट्रासिटी मार्गों पर इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना बनाई गई है।

इस कार्यक्रम में एसपीसीबी/पीसीसी के अध्यक्ष और सदस्य सचिव, एनसीएपी शहरों के नगर आयुक्त, केंद्र और राज्य सरकारों तथा शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारी, विशेषज्ञ, छात्र, प्रदर्शक और वर्चुअल तौर पर उपस्थित कई लोग शामिल हुए।
