पाण्डव कालीन लोक परम्पराओं का आयोजन ऋषिकेश में अंतिम दिन लोक नाट्य गेंडा बध का मंचन किया गया।

ऋषिकेश मे उत्तराखंड लोक संस्कृतिक संरक्षण समिति के द्वारा आयोजित पांच दिवसीय पाण्डवनृत्य के समापन के अवसर पर पांचवे दिन लोक नाट्य गेंडा बध का मंचन उत्सव ग्रुप श्रीनगर के कलाकारों ने डॉ राकेश भट्ट के निर्देशन में किया।
ऋषिकेश 14 बीघा नया पुल चंद्र भागा पुल के समीप मैदान मे आयोजित चौथे दिन के कार्यक्रम का शुभारंभ खटीमा के विधायक पुष्कर सिंह धामी जी, दिनेश व्यास, आशाराम ब्याश ने किया विधायक पुष्कर सिंह धामी ने समिति के द्वारा किये जा रहे इस प्रयास की भूरी -भूरी प्रशंशा की दर्शको से खचा खच भरे मैदान में कई महानुभावों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया ऒर दर्शकों के मध्य फिर सुरु हुआ डॉ राकेश भट्ट द्वारा निर्देशित महाभारत कालीन नाट्य ” गेंडा बध ” ।
इस लोक नाट्य में पाण्डव पर अपने पर्विवार के लोगो को मारने का पाप लगने के कारण उन्हें स्वर्ग में स्थान का न मिलना था जिस कारण अर्जुन को अपने पुत्र नागार्जुन के गेंडे को मारकर उसकी सिर के दिमाग वाले भाग को लेकर आना था तभी पाण्डव स्वर्ग को जा सकते थे। जिसमे पात्रो ने महाभारत के पात्रों को जीवंत कर दिया और दर्शकों ने पाण्ड्वो को बिदा किया।

इस भावपूर्ण लोकनाट्य को देखने के लिए कार्यक्रम स्थल पर अपार जन समूह उमड़ा रहा।
पांच दिन तक चलने वाले इस आयोजन ने लोगो के दिलो में पाडवो के उस काल को जीवंत कर दिया।
उत्तराखंड लोक संरक्षण समिति ऋषिकेश के इस प्रकार के आयोजन ने लगता है कि एक इतिहास रच दिया।
Narendra Deorari
