चित्रकूट समेत सात जिलों के व्यापारियों ने मंगवाया नमकीन का सैंपल नमकीन की बढ़ी मांग अब प्रतिदिन दो से तीन क्विटल पहुंची सप्लाई
गोंडा : आपदा की घड़ी में अवसर ढूंढकर आत्मनिर्भरता की कहानी लिखने वाले दिव्यांगों के हुनर की खुशबू पूरब से पश्चिम तक पहुंच गई। दिव्यांगों द्वारा तैयार किए गए स्नैक्स व नमकीन की डिमांड चित्रकूट, कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली व प्रयागराज के व्यापारियों ने की है। इन व्यापारियों को नमकीन का सैंपल स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया है। गौरतलब है कि छपिया के मिर्जापुर गांव में रहने वाले दिव्यांगों के सफलता की कहानी दैनिक जागरण ने 13 जून को सरोकार के तहत समूह स्तर पर प्रमुखता से प्रकाशित की थी। इसके बाद व्यापारियों ने फेसबुक के जरिए संपर्क किया। इसी दौरान दिव्यांगों के कारोबार को भी उड़ान मिली है। अब प्रति नमकीन का उत्पादन व आपूर्ति दो क्विटल से बढ़कर तीन क्विटल हो गई है।
प्रवासियों की बेबसी ने दिखाया रास्ता
– मिर्जापुर गांव में रहने वाले दिव्यांगों ने कोरोना नामक संक्रमण के चलते घर लौटे प्रवासियों की बेबसी को देखकर उनके लिए रोजगार के द्वार दो माह पूर्व खोले थे। इस कारोबार के लिए उन्होंने खुद पैसे जुटाए। दीपक तिवारी ने अपने दोस्त शेषराम के साथ मिलकर स्नैक्स व नमकीन बनाने का काम शुरू किया था। धीरे-धीरे इनके बनाई हुई नमकीन लोगों की पसंद बन गई। सिर्फ दो माह में न सिर्फ कारोबार 11 लाख रुपये तक पहुंच गया। बल्कि इससे 70 दिव्यांग व 31 प्रवासी भी जुड़े।
अफसरों ने की सराहना
– सीडीओ शशांक त्रिपाठी ने दीपक से फोन पर बात करके उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। वहीं, नव प्रवर्तन अधिकारी संदीप द्विवेदी ने गांव पहुंचकर दिव्यांग दीपक तिवारी के इस अनूठे प्रयास की सराहना की।
