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मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय

केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मत्स्यपालन और जलीय कृषि के न्यूजलेटर “मत्स्य सम्पदा” के पहले संस्करण को जारी किया

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों को जारी करते हुए, श्री गिरिराज सिंह ने आशा व्यक्त की कि मत्स्य पालन संवर्धन श्रृंखला के साथ विविध प्रोत्साहनों के जरिए पीएमएमएसवाई मत्स्य पालन और जलीय कृषि क्षेत्र में क्रांति लाएगी।

 PIB Delhi

केंद्रीय मत्स्य पालनपशुपालन एवं डेयरी मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने मत्स्यपालन और जलीय कृषि के न्यूजलेटर “मत्स्य सम्पदा” के पहले संस्करण और प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना  के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों (पीएमएमएसवाई) को जारी  किया। इस अवसर पर श्री प्रताप चन्द्र सारंगीमाननीय राज्य मंत्री मत्स्यपालनपशुपालन एवं डेयरी तथा डॉ. राजीव रंजनसचिवमत्स्यपालन विभाग के साथ ही मत्स्यपालन विभागभारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मिलित हुए।

 

 

न्यूज़लेटर मत्स्य सम्पदा” मत्स्य पालन विभाग के प्रयासों का एक परिणाम है जिसके द्वारा संचार के विभिन्न साधनों के माध्यम से हितधारकों विशेष रूप से मछुआरों और मत्स्य पालकों तक पहुंचा जा सके और उन्हें मत्स्य पालन और जलीय कृषि के क्षेत्र की नवीनतम घटनाओं के संदर्भ में जानकारी प्रदान की जा सके। इसे वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही से शुरू करते हुए तिमाही आधार पर प्रकाशित किया जाएगा।

इस अवसर पर अपनी बात रखते हुए श्री गिरिराज सिंहमाननीय मत्स्य पालनपशुपालन एवं डेयरी मंत्री ने कहा कि मात्स्यिकी क्षेत्र के विकास में सरकार द्वारा की जा रही पहलों के साथ ही सरकारी एवं निजीदोनों क्षेत्र जो अच्छा काम कर रहे हैंउन्हें सूचित-प्रसारित करने के लिये इस न्यूज़लेटर को जारी करना बहुत ही सामयिक और आवश्यक है। यह न्यूज़लेटर देश भर में हितधारकोंविशेष रूप से मछुआरोंमछलीपालक किसानोंयुवाओं और उद्यमियों के बीच सूचना के प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में काम करेगाउनकी सहायता करेगा और उनके व्यापार को सुविधाजनक बनायेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह न्यूज़लेटर संचार के लिए एक अद्भुत मंच साबित होगा।

 

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के संचालन संबंधी दिशा-निर्देशों को जारी करते हुए, श्री गिरिराज सिंह ने मात्स्यिकी और जलीय कृषि की विकास यात्रा में पीएमएमएसवाई के शुभारंभ को सबसे महत्वपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने आगे कहा कि मात्स्यिकी में मूल्य श्रृंखला के साथ विभिन्न प्रोत्साहनों के माध्यम से पीएमएमएसवाई, मात्स्यिकी और जलीय कृषि के क्षेत्र में क्रांति लाएगी और इसे अगले स्तर तक ले जाएगी। बहुत कम समय में पीएमएमएसवाई  के संचालन दिशा-निर्देशों को तेज गति के साथ पूरा करने में मत्स्य पालन विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुएमाननीय मंत्री ने आशा व्यक्त की कि संचालन संबंधी दिशा-निर्देश योजना के त्वरित कार्यान्वयन में राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों की सहायता करेंगे।

 

भारत सरकार ने मई, 2020 में 20,050 करोड़ रुपये के निवेश के साथ मात्स्यिकी क्षेत्र के सतत और जिम्मेदार विकास के लिए एक नई फ्लैगशिप योजना अर्थात प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना‘ (पीएमएमएसवाई) की शुरुआत की है। 100 विभिन्न गतिविधियों को समाहित करते हुये पीएमएमएसवाई मत्स्य पालन क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा निवेश है। पीएमएमएसवाई के अंतर्गत अतिरिक्त 70 लाख टन मछली उत्पादनएक लाख करोड़ रुपए के मत्स्य निर्यातअगले पांच वर्षों में 55 लाख रोजगार सृजनआदि महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सरकार और हितधारकों के बीच सहयोगात्मक और ठोस प्रयासों के साथ-साथ बहुपक्षीय रणनीतियों की आवश्यकता है। पीएमएमएसवाई की सोच और पहल को प्रसारित करने के साथ ही, इसके लक्ष्यों तक पहुंचने में सामूहिक प्रयास की परिकल्पना में जनता की राय को जानने की दिशा में इस न्यूज़लेटर “मत्स्य सम्पदा” के एक प्रभावी साधन और मंच के रूप में कार्य करने की संभावना है। यह मात्स्यिकी के क्षेत्रों में मछुआरोंमत्स्य पालकों और उद्यमियों द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम प्रथाओं और नवीनतम गतिविधियों के साथ ही उनकी सफलता की कहानियों का प्रदर्शन करने में भी सहायक होगा।


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By udaen

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