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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईसी) ने पिछले 47 दिनों में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) रिफंड के 11,052 करोड़ रुपये के दावों को मंजूर किया है। सीबीआईसी ने सोमवार को यह जानकारी दी।

सीबीआईसी ने ट्वीट कर कहा है कि देशव्‍यापी लॉकडाउन के दौरान जीएसटी करदाताओं खासकर एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) क्षेत्र में नकदी का प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बोर्ड ने कहा कि 8 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच 11,052 करोड़ रुपये के मूल्य के 29,230 रिफंड दावों का निपटान किया गया।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने अपने ट्वीट में ये भी लिखा है कि इन दावों का निपटान घर से काम करते हुए किया गया है। गौरतलब है कि वित मंत्रालय ने आठ अप्रैल को कहा था कि कोविड-19 के दौरान राहत उपलब्ध कराने के लिए सभी लंबित जीएसटी और सीमा शुल्क वापसी जारी करने का निर्णय किया गया है। इससे एमएसएमई इकाइयों समेत कारोबार करने वाली लगभग एक लाख इकाइयों को लाभ होगा। मंत्रालय ने कहा था कि कर वापसी के तहत करीब 18 हजार करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। बता दें कि जीएसटी कानून सरकार को बिना किसी ब्याज भुगतान की देनदारी के रिफंड दावों के निपटान के लिए कुल 60 दिन का समय देता है।

उल्‍लेखनीय है कि इससे पहले सीबीआईसी ने क्षेत्रीय अधिकारियों से जीएसटी और सीमा शुल्क वापसी का दावा करने वाली इकाइयों से दस्तावेज जमा करने के नियम से छूट दे कर आधिकारिक ई-मेल के जरिए संपर्क करने को था। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि इस कठिन समय में करदाताओं को राहत देने के लिए तेजी से लंबित कर वापसी का निर्णय किया गया है।

इससे पहले आयकर विभाग ने 16.84 लाख करदाताओं को अप्रैल से अब तक 26,242 करोड़ रुपये का आयकर रिफंड जारी कर दिया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया था कि एक अप्रैल से 21 मई के बीच 16,84,298 करदाताओं को आयकर रिफंड मिला।


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By udaen

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