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Lockdown: उत्तराखंड में उद्योगों को राहत, सरकार ने लीज रेंट के भुगतान की तिथि दो महीने बढ़ाई

सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के लीज रेंट (किराया) भुगतान की अंतिम तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर 30 जून कर दी है। लॉकडाउन से उद्योगों को हुए आर्थिक नुकसान के चलते मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीआईआई की ओर से आयोजित उत्तर भारत वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि उद्योगों के लंबित जल उपयोग प्रभार, सीवर शुल्क आदि भुगतान करने की तिथि 31 मई, जल एवं वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत नवीनीकरण की तिथि 30 जून तक बढ़ाई गई है। इसके अलावा भवन एवं अन्य निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को दो-दो हजार रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है। मार्च से मई 2020 तक औद्योगिक और वाणिज्यिक श्रेणी के विद्युत उपभोक्ताओं से फिक्स्ड चार्ज के भुगतान और विलंब से बिलों के भुगतान में लेट सरचार्ज में छूट एवं लॉक डाउन के दौरान विद्युत बिल भुगतान करने में असमर्थ रहने पर कनेक्शन काटने पर रोक लगाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत ही नहीं बल्कि विश्व की अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई है। सीआईआई सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कर रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में सीआईआई की राज्य इकाई निरंतर संपर्क में रही है। मुख्यमंत्री राहत कोष में भी उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में उद्योग के संचालन के लिए बनी एकल खिड़की से 1171 उद्योगों को संचालन की अनुमति दी गई है।
राज्य में फार्मा तथा खाद्य पदार्थ उत्पादन की 1884 इकाइयां लॉकडाउन के दौरान निरंतर काम करती रही हैं। अब आईटीसी, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले, ब्रिटानिया व डाबर जैसे बड़े उद्योगों ने अपना उत्पादन प्रारंभ कर दिया है। ऑटो सेक्टर की टाटा मोटर्स, हीरो मोटोकॉर्प, अशोका लीलैंड व महिंद्रा ने भी उत्पादन प्रारंभ कराने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव उद्योग मनीषा पंवार एवं उद्योग निदेशक सुधीर नौटियाल भी उपस्थित थे।
उद्यमियों, किसानों, स्वयं सहायता समूहों को 10 प्रतिशत अधिक मिल जाएगा कर्ज
प्रदेश में उद्यमियों, किसानों और स्वयं सहायता समूहों को रियायत दी गई है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई राज्य स्तरीय बैैंकर्स समिति की बैठक में तय किया गया कि इन सबको वर्किंग कैपिटल में दस प्रतिशत अतिरिक्त का इजाफा किया जाएगा। बैंकों ने यह रियायत देनी शुुरू भी कर दी है।

बैठक में यह भी तय हुआ कि कर्ज आदि के लिए जरूरी कागजात पूरे करने के लिए सरकार जल्द ही स्टांप वेडर्स के संदर्भ में फैसला लेगी। बैंकों ने भरोसा दिलाया कि एटीएम में पर्याप्त कैश रखा जाएगा। इसी तरह दूध की उपलब्धता होने पर आंचल को कहा गया है कि वह अतिरिक्त दूूूध की खरीद करे। वित्त सचिव अतिम नेगी ने बताया कि कृषि और एमएसएमई सेक्टर की समस्याओं को सुलझाने के लिए इस बैठक का आयोजन किया गया था।

बैठक में उद्योग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी, बैंकों, नाबार्ड आदि के प्रतिनिधि मौजूद थे। इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने बताया कि स्टॉक लिमिट के आधार पर उद्योगों को पैसा उपलब्ध कराने के लिए बैंक लिमिट को 75 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 करने पर भी सहमत हो गए हैं।

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By udaen

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