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देहरादून के लिए सोमवार का दिन काफी राहत भरा रहा। आज जहां एक ओर कोरोना टेस्ट की सभी रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुईं, वहीं देहरादून के तीन मरीज और हरिद्वार के दो मरीज स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए। इसी कड़ी में एक नई पहल दून मेडिकल कालेज में देखने को मिली, जहां अब सर्दी, खांसी और बुखार (फ्लू) के मरीज अब एक मोबाइल ओपीडी कंटेनर में निर्मित मेडिकल कक्ष में देखे जाएंगे। एक कंटेनर आज यहां पहुंच गया है।
दरअसल, दून मेडिकल कॉलेज में कोरोना की टेस्टिंग शुरू होने के बाद अब सर्दी, खांसी और बुखार की ओपीडी यहां नहीं चलेगी। इन बीमारियों के मरीज अब कंटेनर नुमा ओपीडी में देखे जाएंगे। इसका उद्देश्य कोरोना संदिग्ध और सामान्य मरीजों का अलग-अलग इलाज करके संक्रमण को फैलने से रोकना है। हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज अपने सामाजिक दायित्व के तहत ऐसे दो कंटेनर दे रहा है, जिनमें से एक कंटेनर आज दिल्ली से यहां पहुंच गया है। इस कंटेनर की विशेषता यह है कि यह पूरी तरह से ओपीडी रूम की तरह डिजाइन किया गया है। इसमें 2 डॉक्टरों के बैठने की व्यवस्था है। यह ओपीडी कंटेनर दूून अस्पताल के नए ओपीडी भवन के बाहर रखा गया है। अभी एक और कंटेनर आना बाकी है। इसे इंस्टॉल करने में दो से तीन दिन का समय लगेगा। यहं कंटेनर कंप्यूटर कंपनी एचपी द्वारा दिया गया है।
दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि शिपिंग कंटेनर में स्थापित क्लाउड इनेबल्ड ईएचसी (ई-हेल्थ सेंटर) ओपीडी आज स्वास्थ्य सेवाएं लोगों के द्वार तक पहुंचाने का नया जरिया बन गयी है। हेवलेट पैकर्ड एंटरप्राइज की ओर से देशभर में ऐसी कई ओपीडी स्थापित की गई हैं। अब कोरोना काल में विशुद्ध रूप से फ्लू ओपीडी के लिए ये कंटेनर तैयार किए हैं। उन्होंने बताया कि सर्दी, खांसी, बुखार के मरीजों के लिए अस्पताल में करीब सवा महीने से फ्लू ओपीडी संचालित की जा रही है। अब इस नई व्यवस्था के तहत फ्लू ओपीडी एकदम अलग हो जाएगी।

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By udaen

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