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eNAM प्लेटफार्म से जुड़कर किसान बढ़ा सकते हैं अपनी आमदनी

किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही हैं. किसानों को ध्यान में रखते हुए ही मोदी सरकार (Government of India) ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यानी ई-नाम स्कीम (e-Nam Mandi) की शुरुआत की है. खेती-किसानी एवं कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़े 1.68 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं

 

नई दिल्ली. किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही हैं. किसानों को ध्यान में रखते हुए ही मोदी सरकार (Government of India) ने नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट यानी ई-नाम स्कीम (e-Nam Mandi) की शुरुआत की है. खेती-किसानी एवं कृषि उत्पादों के कारोबार से जुड़े 1.68 करोड़ लोग इस स्कीम में रजिस्टर्ड हो चुके हैं.  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक इससे स्कीम से 1,65,73,893 तो किसान जुड़े हैं. मंत्रालय के मुताबिक स्कीम से 1,26,556 ट्रेडर और 70,655 कमीशन एजेंट भी रजिस्टर्ड हुए हैं. अगर आप किसान हैं तो देर किस बात की. आपको नेशनल एग्रीकल्चर मार्केट के जरिए कृषि उत्‍पादों का अधिक दाम मिलेगा और आमदनी बढ़ाने में मदद मिलेगी.

आपको बता दें कि साल 2017 तक ई-मंडी से सिर्फ 17 हजार किसान ही जुड़े थे. ई-नाम एक इलेक्ट्रॉनिक कृषि पोर्टल है. जो पूरे भारत में मौजूद एग्री प्रोडक्ट मार्केटिंग कमेटी को एक नेटवर्क में जोड़ने का काम करती है. इसका मकसद एग्रीकल्चर प्रोडक्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक बाजार उपलब्ध करवाना है. इससे फायदे को देखते हुए किसान तेजी से इसके साथ जुड़ रहे हैं. देश के 18 राज्यों में इसका संचालन हो रहा है.

इंटरनेट से जोड़ी गई हैं देश की 585 मंडियां-ई-नाम के तहत देश के विभिन्‍न राज्‍यों में स्थित कृषि उपज मंडी को इंटरनेट के जरिए जोड़ा गया है. इसका टारगेट यह है कि पूरा देश एक मंडी क्षेत्र बने. अगर गोरखपुर का कोई किसान अपनी उपज बिहार में बेचना चाहता है तो कृषि उपज को लाने-ले जाने और मार्केटिंग करना आसान हो गया है.

Modi Government Enam Scheme near about 2 core Farmer registered Know Everything eNAM in Hindi dlopमतलब साफ है कि किसान और खरीदार के बीच से ई-नाम ने दलाल खत्म कर दिए हैं. इसका लाभ न सिर्फ किसानों बल्कि ग्राहकों को भी मिलेगा. किसान और व्यापारियों के बीच के इस कारोबार में स्‍थानीय कृषि उपज मण्‍डी के हित को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा, क्‍योंकि पूरा व्‍यापार उसके माध्‍यम से ही होगा.

किसान को इस टेंशन से मिल रही है छुट्टी- बाजार और उत्पाद का अच्छा दाम मिलना किसानों की सबसे बड़ी समस्या है. किसान बड़ी हसरत से अपने खेत में बुआई करता है, फसल तैयार करता है, महीनों बाद जब फसल तैयार हो जाती है तो उसे बाजार का संकट होने लगता है. वह फसल काट कर मंडी ले जाता है, और वहां जब उसका औना–पौना दाम लगता है तो वो परेशान हो उठता है.

क्या है e-Nam: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के इस सबसे बड़े दर्द समझा और फसलों की ऑनलाइन बिकवाली के लिए देश भर में कृषि बाजार (ई-मंडी) खोल दी. इसका मतलब है राष्ट्रीय कृषि बाजार.

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By udaen

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