भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की अपर लेयर सूची जारी कर दी है। इस नई सूची में कुल 17 प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया है।

SHABD,New Delhi, August 6,
अगस्त 06, नई दिल्ली:
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की अपर लेयर सूची जारी कर दी है। स्केल-आधारित विनियमन के संशोधित मानदंडों के तहत तैयार इस नई सूची में कुल 17 प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया है। आरईसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और टाटा संस जैसी देश की दिग्गज कंपनियां इस सूची का मुख्य हिस्सा हैं।
आरबीआई के नियमानुसार, जो कंपनी एक बार इस अपर लेयर में आ जाती है, वो कम से कम पांच साल तक इसी बढ़ी हुई नियामक निगरानी के दायरे में बनी रहती है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि टाटा संस को इस सूची में शामिल करना, इसके डि-रजिस्ट्रेशन के लंबित आवेदन पर आने वाले फैसले के अधीन है। वहीं, केंद्रीय बैंक के पांच साल वाले नियम के तहत पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और सम्मान कैपिटल लिमिटेड भी अपर लेयर के कड़े नियमों के अधीन बने रहेंगे।
फोटो– प्रतीकात्मक तस्वीर
साल 2026-27 के लिए NBFC की अपर लेयर सूची जारी
Synopsis : भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की अपर लेयर सूची जारी कर दी है। इस नई सूची में कुल 17 प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया है।
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अगस्त 06, नई दिल्ली:
भारतीय रिजर्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों की अपर लेयर सूची जारी कर दी है। स्केल-आधारित विनियमन के संशोधित मानदंडों के तहत तैयार इस नई सूची में कुल 17 प्रमुख कंपनियों को शामिल किया गया है। आरईसी लिमिटेड, पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन, बजाज फाइनेंस, श्रीराम फाइनेंस और टाटा संस जैसी देश की दिग्गज कंपनियां इस सूची का मुख्य हिस्सा हैं।
आरबीआई के नियमानुसार, जो कंपनी एक बार इस अपर लेयर में आ जाती है, वो कम से कम पांच साल तक इसी बढ़ी हुई नियामक निगरानी के दायरे में बनी रहती है। आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि टाटा संस को इस सूची में शामिल करना, इसके डि-रजिस्ट्रेशन के लंबित आवेदन पर आने वाले फैसले के अधीन है। वहीं, केंद्रीय बैंक के पांच साल वाले नियम के तहत पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और सम्मान कैपिटल लिमिटेड भी अपर लेयर के कड़े नियमों के अधीन बने रहेंगे।
फोटो– प्रतीकात्मक तस्वीर
