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श्यामलाताल में बनेगा मिनी फूड पार्क

श्यामलाताल की झील।
श्यामलाताल की झील।
कुदरती खूबसूरती वाले सरोवर के चलते पर्यटन में खास मुकाम रखने वाले श्यामलाताल को जल्द ही नई पहचान मिलेगी। यहां इस साल मार्च तक मिनी फूड पार्क बनकर तैयार हो जाएगा। इसके लिए दस लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। फूड पार्क बनने से यहां के उत्पादों का मूल्य संवर्द्धन होगा और उन्हें अधिक कीमत मिलेगी। कृषि विभाग ने फूड पार्क के लिए निशुल्क जमीन की तलाश शुरू कर दी है। पार्क का पूरा जिम्मा स्थानीय स्वयं सहायता समूहों को दिया जाएगा।

श्यामलाताल क्षेत्र में गडेरी, गेहूं, धान, अदरक और तेजपात की खेती होती है लेकिन मैदानी क्षेत्र टनकपुर से महज 30 किमी दूर होने के बावजूद यहां के किसानों को उपज का सही मूल्य नहीं मिल पाता था। एक माह पूर्व इस क्षेत्र में डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय ने बहुउद्देश्यीय शिविर लगाया तो यहां के कृषि उत्पादों की बहुतायत के बावजूद मूल्य न मिलने की समस्या सामने आई।
इसके मद्देनजर श्यामलाताल में फूड पार्क बनाने को मंजूरी दी गई। मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि बीएडीपी से दस लाख रुपये से इस पार्क का निर्माण होगा। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी जाएगी। पार्क के लिए भूमि की उपलब्धता भी ये समूह कराएंगे।
सियाला ग्राम पंचायत के श्यामलाताल में दस लाख से बनने वाले मिनी फूड पार्क में कृषि उत्पादों की लेवलिंग, ग्रेडिंग, पैकेजिंग, मापन मशीन आदि लगाई जाएंगी। इससे किसानों के कृषि उत्पादों के दाम बढ़ जाएंगे। इस पार्क को 31 मार्च तक बना लिया जाएगा। राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी।
दुग्ध प्रोत्साहन कार्यक्रम भी चलेगा
चंपावत। श्यामलाताल के किसानों को दुग्ध उत्पादन के प्रोत्साहन से भी जोड़ा जाएगा। दुग्ध संघ प्रबंधक राजेश मेहता ने बताया कि यहां 10.45 लाख रुपये का दुग्ध प्रोत्साहन कार्यक्रम चलेगा। इसमें चारा विकास के लिए 3.40 लाख, दुग्ध समितियों में सौर ऊर्जा के लिए 1.05 लाख, डीपीएमसीयू, वेइंग मशीन सहित दूध एनालाइजर के लिए 2.70 लाख रुपये मंजूर किए गए हें। इसके अलावा यहां दुग्ध उत्पादकों के प्रशिक्षण के लिए 3.30 लाख दिए गए हैं।


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By udaen

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