खास बातें
- 1993 में हाईस्कूल उत्तीर्ण न होने पर थी असिस्टेंट कमांडेंट न बन पाने की कसक, अब पद न सही हाईस्कूल पास का सर्टिफिकेट
- मूल रूप से पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट, चनौला निवासी वर्तमान में चकरपुर में रह रहे हैं परिवार संग, परिजनों में खुशी
पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती है, मूल रूप से जिला पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट के ग्राम चनौला और हाल निवासी चकरपुर बिल्हरी के रिटायर्ड सैनिक दानी राम ने यह सिद्ध किया है। उन्होंने 79 वर्ष की आयु में राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से हाईस्कूल की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है। रिजल्ट आते ही उनके परिवार में खुशी का माहौल है।
सीआरपीएफ से सूबेदार मेजर के पद से वर्ष 30 नवंबर 1995 को सेवानिवृत्त दानी राम ने बताया कि उनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1940 है। आठवीं पास करने के बाद वह वर्ष 1960 में तब की टेरीटोरियल आर्मी आईआर बटालियन में भर्ती हुए, जो नेफा में तैनात थी और अंग्रेजों के दौर में पंजाब रेजीमेंट में शामिल थी। बाद में यह सीआरपीएफ बना दी।
वह 21 बटालियन नेफा अरुणांचल में तैनात रहे। वर्ष 1968 में बटालियन में थर्ड क्लास पास कर लैस नायक, वर्ष 1969 में सेकंड क्लास पास कर हवलदार, 1971 में प्रथम क्लास पास कर सब इंस्पेक्टर व 1995 में 28 बटालियन सीआरपीएफ मद्रास से सूबेदार मेजर पद से सेवानिवृत्त हुए। वह 1977 से गंगोलीहाट से परिवार समेत चकरपुर आकर रह रहे हैं।
