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अब जंगली जानवर नहीं कर पाएंगे फसलें खराब, इस किसान ने खोजा अनोखा तरीका

बेंगलुरु, एएनआइ। किसान धूप में कड़ी मेहनत करके अपनी फसल बोते हैं उसके बाद उसकी कटाई में भी लंबा संघर्ष करते हैं। ये मेहनत तब खराब हो जाती है जब खेत में बंदर, जंगली सुअर और अन्य जंगली जानवर घुस जाते हैं और उनकी फसलों को खत्म कर देते हैं। जंगली जानवरों को खेत में घुसने से रोकने के लिए किसानों ने लाख योजनाएं बनाई, लेकिन वह सफल नहीं हो पाते हैं। सभी किसानों ने मिलकर इस समस्या से निजात पाने के लिए रणनीति तैयार की परंतु धरातल पर यह रणनीति पर अपना असर नहीं  दिखा पाती। इस सबके इतर कर्नाटक के एक किसान ने ऐसा नायाब तरीका खोजा जिससे ये जंगली जानवर उनकी फसल खराब नहीं कर पाने में असफल हो रहे हैं।

किसान ने कौन-सा खोजा तरीका 

इस किसान का नाम चिदानंद गौड़ा है। जिसकी शिवमोग्गा में अपनी जमीन है जहां पर वह खेती करता है। उन्होंने जंगली जानवरों से निपटने के लिए माइक्रोचिप खरीदा। इसके बाद उसमें उन्होंने अपनी आवाज रिकॉर्ड की। अपनी आवाज में उन्होंने कुत्तों के भौंकने की आवाज को रिकॉर्ड किया। इस रिकॉर्डिंग को उन्होंने लाउडस्पीकर पर चलाना शुरु किया। इसके कुत्तों के भौंकने के आवाज सुनकर जंगली जानवार खेतों में नहीं घुसते हैं।

इस किसान ने न्यूज एजेंसी एएनआइस से बातचीत करते हुए कहा कि हमारे क्षेत्र में ज्यादातर बंदर और जंगली जानवर फसलें खराब कर दते हैं। प्रत्येक साल कम से कम 30 फीसद फसलें इन जंगली जानवरों के चलते नष्ट हो जाती है। इससे परेशान होकर मैंने एक चीप रीडर खरीदा और उसमें अपनी आवाज को रिकॉर्ड किया। मैंने कुत्ते के भौंकने की आवाज निकाली और रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद यह आवाज मैंने स्पीकर से जोड़ कर खेतों में चलाना शुरु किया। इससे इन जंगली जानवरों से निजात मिल रही है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह बेहद ही सस्ता तरीका है। जिससे खेतों में जानवरों को रोकने में निजात मिलती है। किसान ने कहा कि ज्यादार किसान जंगली जानवारों को मारते हैं, लेकिन इस तरीके से किसी जानवर को मारने की भी आवश्कता नहीं पड़ती है।

 


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By udaen

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