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‘मेरे युवा, मेरी शान’ सम्मेलन में बोले सीएम त्रिवेंद्र- आत्मनिर्भर युवाओं से बनेगा सशक्त उत्तराखंड

 

देश-दुनिया में उत्तराखंड को पहचान दिलाने वाले 17 युवाओं को सम्मान और प्रदेश के समग्र विकास पर रायशुमारी के साथ अल्मोड़ा में युवा सम्मेलन ‘मेरे युवा, मेरी शान’ सफल रहा। सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं से उत्तराखंड के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया। सीएम ने युवाओं की मदद से उत्तराखंड को आगे बढ़ाने का मूल मंत्र देते हुये कहा कि आत्मनिर्भर युवाओं की मदद से ही सशक्त उत्तराखंड बनेगा।

गुरुवार को अल्मोड़ा स्थित उदयशंकर नृत्य एवं संगीत अकादमी में उत्तराखंड सरकार और समाचार पत्र ‘हिन्दुस्तान’ की ओर से आयोजित युवा सम्मेलन का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, केंद्रीय युवा एवं खेल राज्यमंत्री किरेन रिजिजू, परिवहन एवं समाज कल्याण मंत्री यशपाल और विद्यालयी शिक्षा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरविंद पांडे ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। सम्मेलन के लिये प्रदेशभर से जुटे छात्रों-युवाओं और सम्मानित होने वाले 17 युवा सितारों को संबोधित करते हुये सीएम रावत ने कहा कि राज्य स्थापना सप्ताह के तहत इस बार प्रदेश सरकार ने खास पहल की है। बताया कि हमारे युवा, सैनिक, किसान और मातृशक्ति सरकार से क्या अपेक्षाएं रखते हैं, यह इन सम्मेलनों के जरिये जाना जा रहा है। इसी कड़ी में अल्मोड़ा में युवा सम्मेलन आयोजित किया गया है।

सीएम रावत ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अपने पिछले बजट में युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि युवा ही उत्तराखंड का भविष्य हैं। सीएम ने युवाओं की ओर इशारा करते हुये कहा- ‘आप आने वाला भारत हैं, हम तो बीते हुये भारत होने जा रहे हैं। अगर आपके चेहरों पर खुशहाली और मुस्कुराहट होगी तो माना जायेगा कि भारत मुस्कुरा रहा है। अगर युवाओं के चेहरे पर शिकन हुयी तो माना जायेगा कि देश का भविष्य खुशहाल नहीं।’ सीएम ने कहा कि सरकार ने युवाओं के लिये बहुत कुछ करने की ठानी है और इस मकसद को युवाओं का साथ लेकर ही पूरा किया जायेगा। इससे पूर्व ‘हिन्दुस्तान’ के प्रधान संपादक शशिशेखर और कार्यकारी निदेशक राजीव बेओतरा ने सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय खेल राज्यमंत्री किरेन रिजिजू को स्मृतिचिह्न भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय संपादक गिरीश चंद्र गुरुरानी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया, जबकि सीआरओ अजय अरोरा ने सम्मेलन के समापन पर धन्यवाद ज्ञापित किया।

चिंता जतायी : मेरा गृहजिला पौड़ी भी पलायन से प्रभावित
सीएम त्रिवेंद्र रावत ने सम्मेलन में पलायन पर गहरी चिंता जतायी। कहा कि आयोजन के लिये जिस अल्मोड़ा जिले का चयन किया गया है, वह उत्तराखंड में पलायन से सबसे अधिक प्रभावित है। इसके बाद दूसरे नंबर आने वाला पौड़ी गढ़वाल उनका अपना गृहजिला है। सीएम ने कहा कि स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, रोजगार-स्वरोजगार के नये अवसरों के जरिये सरकार पलायन पर रोक की हरसंभव कोशिश कर रही है।

आह्वान : नशे के जहर से दूर रहें युवा
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने युवाओं में नशे के बढ़ते असर पर भी चिंता जतायी। सीएम ने कहा कि सिंथेटिक ड्रग जहर है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील करते हुये बताया कि देश के सात राज्यों ने नशे पर लगाम के लिये चंडीगढ़ में एक सचिवालय बनाया है। इनमें उत्तराखंड के अलावा पंजाब, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान शामिल हैं। बताया कि इन राज्यों में ड्रग सप्लाई होने की सूचना आते ही जिस राज्य की सीमा में ड्रग भेजा जाता है, उस राज्य को पहले ही अलर्ट कर दिया जाता है। बताया कि इस कदम के बाद नशे पर काफी हद तक अंकुश लगा है। सीएम ने कहा कि नशे को जड़ से मिटाने के लिये जनचेतना की सबसे अधिक आवश्यकता है।

पांच रास्ते बताये

1. फिल्म इंडस्ट्री-शूटिंग: सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग  की अपार संभावनाएं हैं। बताया कि फिल्म इंडस्ट्री के लोगों से जब भी बात की, वे यही कहते हैं कि उत्तराखंड शूटिंग के लिहाज से बेहतरीन स्थान है। सीएम ने बताया कि अब भी प्रदेश में तीन जगहों पर फिल्मों की शूटिंग चल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जब भी कोई शूटिंग होती है तो उसमें स्थानीय कलाकारों को मौका मिलता है। इसके अलावा शूटिंग के दौरान एक से दो माह तक टीमें होटलों में रहती हैं, जिसका लाभ स्थानीय लोगों को मिलता है।

2. साहसिक पर्यटन: सीएम रावत ने कहा कि पर्यटन के लिहाज से उत्तराखंड देश-दुनिया के लोगों के लिये बेहतरीन डेस्टिनेशन है। कहा कि युवा पर्यटन और साहसिक खेलों से जुड़ें तो उनके लिये यह लाभदायक हो सकता है। बताया कि सरकार के स्तर पर इसके लिये कई योजनाएं भी चल रही हैं।

3. ऑर्गेनिक खेती: सीएम रावत ने युवाओं से ऑर्गेनिक खेती की ओर कदम बढ़ाने की अपील की। कहा कि दुनियाभर में आज ऑर्गेनिक की मांग है। उत्तराखंड प्रकृति के सबसे नजदीक है। ऐसे में स्थानीय युवाओं को प्रकृति से मिलने वाले लाभों, संसाधनों के जरिये इस दिशा में काम करना चाहिये।

4. व्यावसायिक पशुपालन: सीएम रावत ने कहा कि पहाड़ पर अधिकतर परिवार सिर्फ अपने उपयोग भर के लिये पशुपालन करते हैं। बताया कि पहाड़ी भेड़ों की ऊन, इससे बने उत्पादों की दुनियाभर में खासी मांग है। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक पशुपालन को व्यावसायिक पशुपालन में बदलकर आगे बढ़ना होगा।

5. ऊर्जा उत्पादन: सीएम रावत ने कहा कि उत्तराखंड में सौर ऊर्जा की बेहतर संभावनाएं हैं। बताया कि सरकार ने इसके लिये विशेष योजना भी तैयार की है। इससे युवाओं को जुड़कर लाभ लेना चाहिये। इसके अलावा पिरुल से 200 मेगावाट बिजली बनायी जा सकती है। सीएम ने कहा कि सरकार इन योजनाओं से जुड़कर रोजगार हासिल कर सकते हैं।


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By udaen

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