फिल्म में पहाड़ के पलायन, पर्यावरण, जल संरक्षण को लेकर बुजुर्ग की जीवटता को मार्मिक रूप से सामने रखा गया है। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ ने देश के कोने-कोने में लोक जीवन को दिखाया। केरल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म महोत्सव में ‘मोतीबाग’ को प्रथम पुरस्कार मिला। डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘मोतीबाग’ को ऑस्कर में एंट्री मिलने का दावा
उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पौड़ी गढ़वाल जिला बसा है। जिले के विकास खंड कल्जीखाल स्थित सांगुडा गांव में बुजुर्ग किसान विद्या दत्त शर्मा विगत 52 वर्षों से पहाड़ की सजीवता को संजोए हुए हैं। गांव के इस बुजुर्ग के जीवन संघर्ष को डॉक्यूमेंट्री फिल्म में पिरोया गया है, जिसका नाम ‘मोतीबाग’ है।
