किसान ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया विज्ञापन, 1 करोड़ तक की लगी बोली, दुबई और सऊदी अरब के कुछ लोगों ने भी लगाई बोली.
एक तरफ केंद्र से लेकर राज्य सरकारें तक किसानों (Farmer) के हित का ढोल पीट रही हैं, वहीं हकीकत यह है कि किसान आज भी कर्ज (Loan) के बोझ के तले दब कर ऐसे कदम उठा रहे हैं जो परेशान करने वाले हैं. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के सहारनपुर में अब एक किसान ने कर्ज से परेशान होकर अपनी किडनी बेचने के लिए विज्ञापन दे दिया है. किसान ने यह विज्ञापन सोशल मीडिया (Social Media) पर पोस्ट किया. अब उसकी किडनी खरीदने वालों ने एक करोड़ रुपये तक की बोली लगा दी है. रामकुमार नामक इस किसान ने बताया कि उसने 10 बार ऋण के लिए आवेदन किया लेकिन एक भी बार उसे कर्ज नहीं दिया गया. जिसके बाद परेशान होकर उसने गांव के ही साहूकारों से 10 लाख रुपये का कर्ज लिया और अब ब्याज तले दबे राम ने किडनी बेच कर रुपये चुकाने का निर्णय लिया है.
पीएम कौशल विकास योजना के तहत 3 बार ली ट्रेनिंग
रामकुमार ने बताया कि सूबे में बसपा, सपा और अब बीजेपी सरकार के रहते हुए उसने तीन पर प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत डेयरी फार्मिंग की ट्रेनिंग ली है. बताया जाता है कि इस ट्रेनिंग के बाद किसानों को स्वरोजगार योजना के तहत दूधारू पशुपालन के लिए सरकार कर्ज देती है. लेकिन रामकुमार ने 10 बार ऋण के लिए आवेदन किया लेकिन इसके बाद भी किसी बैंक ने उसे कर्ज देना तो दूर आवेदन भी स्वीकार नहीं किया. जिसके बाद डेयरी चलाने का सपना देख रामकुमार ने साहूकारों से दस लाख रुपये का कर्ज लिया और काम शुरू किया लेकिन डेयरी नहीं चलने के चलते वह घाटे में आ गया.
सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
रामकुमार ने तीन दिन पहले सोशल मीडिया पर किडनी बेचने का विज्ञापन दिया. जिसके बाद वह वायरल हो गया. लोगों ने 50 लाख रुपये से एक करोड़ तक की बोली लगा दी. इनमें से बोली लगाने वाले कुछ लोग दुबई और सऊदी अरब के भी थे.
हर जगह लगा दिए पोस्टर
रामकुमार ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन पोस्ट करने के साथ ही कलेक्ट्रेट, नगर निगम, इनकम टैक्स ऑफिस और कई अन्य जगह ऐसे ही पोस्टर भी लगा दिए. रामकुमार ने कहा कि शायद किसी अधिकारी की इस पर नजर पड़ जाए और मेरे को कर्ज मिल जाए. लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो परिवार पालने और साहूकारों का कर्ज चुकाने के लिए मैं अपनी किडनी बेच दूंगा, जितने दिन जी सकूंगा रहूंगा और डेयरी एक बार फिर खोलूंगा. राम ने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आत्महत्या के अलावा उसके पास कोई चारा नहीं बचता है.
