प्राइमरी विद्यालयों में गढ़वाली पाठ्यक्रम पढ़ाने हेतु शुभारंभ
जनपद के पौड़ी ब्लाक में जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने समस्त प्राइमरी विद्यालयों में गढ़वाली पाठ्यक्रम पढ़ाने हेतु आज खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों से पहुंचे प्रधानाचार्याें/शिक्षकों को पाठ्य पुस्तक वितरण कर सोमवार से विद्यालय में पढ़ाने को मुहुर्त रूप दिया। आयोजित कार्यक्रम का जिलाधिकारी एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने विधिवत दीप प्रज्जवलित कर वंदना के साथ शुभारंभ किया। प्रथम चरण में पौड़ी ब्लाक के प्राइमरी पाठशाला के सरकारी तथा गैर सरकारी विद्यालयों के लगभग 05 हजार बच्चे गढ़वाली भाषा ज्ञान सीखेंगे। अपनी मूल, लोक संस्कृति, विरासत, लोक विज्ञान आदि को जीवंत रखने की कवायद को जिलाधिकारी श्री धीराज सिंह गब्र्याल ने मुहूर्त रूप के तहत विद्यालयों में पुस्तक वितरण कर गढ़वाली भाषा एवं भाषा प्रेमियों को ऐतिहासिक सौगात दी। वहीं अब अपनी पहचान खो रहे लोगों को देशदुनिया में गढ़वाली भाषा से भी पहचान मिल सकेगी। कक्षा 01 से 05 तक गढ़वाली पाठ्यक्रम पर आधारित क्रमशः धगुली, हसुलि, छुबकि, पैजबि एवं झुमकि के सहारे भावी पीढ़ी अपनी विरासतन पहचान को कायम रखेगें। जिलाधिकारी श्री गब्र्याल ने आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड मंे बुद्धिजीवी वर्ग की कोई कमी नही है। हो रहे पलायन के साथसाथ अपने मातृभूमि की संस्कृति को बचाने की सोच होनी चाहिए। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि आप सभी का दायित्व है कि अपनी लोक संस्कृति विरासत को कायम रखने के लिए आगे आने की जरूरत है। कहा कि आप सभी को अपनी गढ़वाली भाषा को शिक्षा के माध्यम से भावी पीढ़ी को सिखाने में अग्रणीय रोल अदा करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अपनी जिम्मेदारी पूर्ण दायित्व के साथसाथ कुछ ऐसा अलग कार्य करें, जिससे आपकी एक अलग पहचान बन सके। उन्होंने कहा कि बच्चों मंे संस्कार भाषा से ही आयेंगे। कहा कि गढ़वाली भाषा को संरक्षण करने में सभी को एकजुट होकर आगे आने की जरूरत है, जिसका यूपीएससी की परीक्षाओं में भी समायोजन होना जरूरी है। गढ़वाली भाषा के माध्यम से रोजगार के अवसर भी प्राप्त हो सकेंगे। समस्त सरकारी/गैर सरकारी प्रधानाध्यपक/शिक्षकों ने गढ़वाली पाठ्यक्रम को अपने विद्यालयों में पढ़ाने हेतु प्रंशसा जाहिर करते हुए जिलाधिकारी एवं पाठ्यक्रम सृजन टीम के प्रति कृतज्ञयता जाहिर की। जिलाधिकारी ने कहा कि पौड़ी को देशदुनिया के सामने एक अलग पहचान दिलाने के लिए नयेनये इवेंट्स शुरू किये जा रहें। जबकि बेटी बचाओं, बेट पढाओं के तहत 04 अगस्त, 2019 को मानसून मैराथन आयोजित किया जा रहा है, जिसमें विदेशों से भी प्रतिभागी पहुंच रहे हैं। साथ ही अक्टूबर माह में फिल्म फेस्टिवल का आयोजन किया जायेगा, जिसमें बच्चों से आधारित ज्ञानवर्द्धक बातें सिखाई जायेंगी। कहा कि यह अलग तरह का इवेंट होगा, जिसमें सारे बच्चे एकदूसरे के साथ सीधा संवाद तथा अतिथियों के विचारों से भी रूबरू हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए हेप्पीनेस क्लास शुरू की जायेगी, जिसमें नईनई चीजों को बच्चों की जानकारी हेतु विकसित किया जायेगा। जिलाधिकारी ने कहा कि हर क्षेत्र में इनोग्रेशन की जरूरत है, जिसके तहत 0708 विभाग पलायन को रोकने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि होमस्टे योजना के तहत स्थानीय विरासत को संरक्षित करते हुए पत्थरों एवं लकड़ियों के नक्काशी से होमस्टे बनाये जा रहे हैं। अपनी पारम्परिक संस्कृति शैली को प्रमोट कर पर्यटकों के लिए बेहतर मंच दिया जा रहा है, जिसके तहत खिर्सू में माॅडल के रूप में होमस्टे तैयार किया जा रहा है। गढ़वाली भाषा के संरक्षण के प्रति समर्पित श्री गणेश खुगशाल ‘गणी‘ ने कहा कि करीब 32 वर्षों से वे गढ़वाली भाषा के संरक्षण को लेकर विभिन्न मंचों एवं गोष्ठियांे, लेख, साहित्य आदि के माध्यम से गढ़वाली भाषा को लेकर कार्य कर रहे हैं। कहा कि जिलाधिकारी ने गढ़वाली भाषा को जीवंत रखने हेतु गढ़वाल पाठ्यक्रम लागू कर मुहूर्त रूप देकर एक ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने गढ़वाली पाठ्यक्रम को पढ़ाने हेतु आमंत्रित प्रधानाचार्य/अध्यापकों एवं अन्य पदाधिकारियों से संवाद कर उनकी शांकाओं को दूर किया। उन्होंने गढ़वाली भाषा को लेकर कहा कि विगत वर्षों से देखने को मिल रहा है कि हम घर से निकलते ही अपनी बोलीभाषा को छोड़ देते हैं, जो एक चिन्ता का विषय बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पनप रही इस परम्परा के विरूद्ध हमें अपनी भाषा को संरक्षित करने में दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करना होगा। इस अवसर पर जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी निर्मल शाह, जिला शिक्षा अधिकारी के.एस. रावत ने भी भाषा संरक्षण को लेकर विचार व्यक्त किये। इस मौके पर डीपीआर एम.एम.खान, खण्ड शिक्षा अधिकारी विनीता शाह, प्रधानाध्यापक/अध्यापक रोशनी कुंवर, साधना जोशी, बीना लिंगवाल, रीना पुण्डीर, अनुराधा नेगी, आर.पी. ढौंडियाल, अनिल नयाल, किरण बलोधी, वीरेन्द्र ंिसंह भण्डारी सहित सरकारी/गैर सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/अध्यापक उपस्थित थे। जिला सूचना अधिकारी पौड़ी गढ़वाल
