नमस्ते, सीड और पीएम-अजय योजनाएं कमजोर वर्गों के लिए सुरक्षा, आजीविका, शिक्षा और अवसरों को सुदृढ़ करती हैं
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सीड, नमस्ते और पीएम-अजय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की; साथ ही ‘नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ शपथ’ भी दिलाई
PIB Delhi
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने आज इस बात को फिर से दोहराया कि केंद्र सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि देश के विकास में कोई भी नागरिक या समुदाय पीछे न छूटे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सामाजिक न्याय का वास्तविक अर्थ यह सुनिश्चित करना है कि विकास का लाभ हाशिये के लोगों तक पहुंचे और प्रत्येक नागरिक को समान अवसर, गरिमा और सम्मान मिले।
राष्ट्रीय राजधानी के डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित एक कार्यक्रम में मंत्रालय की सीड, नमस्ते और पीएम–अजय योजनाओं के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए, डॉ. कुमार ने समाज के वंचित, कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा किए जा रहे निरंतर प्रयासों के बारे में बताया।
इस अवसर पर सचिव श्री सुधांश पंत, अपर सचिव श्रीमती मोना ए. खंडार, संयुक्त सचिव डॉ. संदीप आर. राठौड़, एनएसकेएफडीसी के प्रबंध निदेशक श्री प्रभात कुमार सिंह, मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
डॉ. कुमार ने कहा कि सीड, नमस्ते और पीएम-अजय जैसी पहलों के माध्यम से, सरकार न केवल सहायता प्रदान करने के लिए, बल्कि शिक्षा, आजीविका, सामाजिक सुरक्षा और गरिमामय जीवन के लिए स्थायी अवसर पैदा करने के लिए भी काम कर रही है।

मंत्री महोदय ने कहा कि नमस्ते योजना के तहत, सरकार सुरक्षित और मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्वच्छता कर्मियों की सुरक्षा, गरिमा और स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि सीवर और सेप्टिक टैंक कर्मियों की प्रोफाइलिंग, व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) किट, स्वास्थ्य बीमा, सुरक्षा प्रशिक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया स्वच्छता इकाइयों के प्रावधान सहित उपाय किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना में कचरा बीनने वालों को भी शामिल किया गया है, ताकि उन्हें औपचारिक ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली में एकीकृत किया जा सके और उनके लिए सुरक्षित व गरिमापूर्ण आजीविका के अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
मंत्री महोदय ने कहा कि सरकार हाथ से मैला उठाने वालों के पुनर्वास और जोखिमपूर्ण तरीके से सफाई के उन्मूलन के लिए भी प्रतिबद्ध है। केंद्रीय मंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रत्येक सफाई कर्मी सुरक्षित कार्यस्थल, सामाजिक सुरक्षा और गारिमापूर्ण जीवन का हकदार है।


केंद्रीय मंत्री ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू (डीएनटी, एनटी और एसएनटी) समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि सीड (डीएनटी के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना) मंत्रालय की ऐतिहासिक पहलों में से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल वित्तीय सहायता से आगे बढ़कर स्थायी आजीविका, कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और गरिमापूर्ण जीवन के अवसर पैदा करने का प्रयास करती है।

डॉ. कुमार ने कहा कि डीएनटी समुदायों की महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है, जिसमें सीड पहल का व्यापक उद्देश्य एक सशक्त महिला, एक सशक्त परिवार, एक सशक्त समुदाय और अंततः एक आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है।
डॉ. कुमार ने प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम–अजय) के महत्व के बारे में बताया, जो अनुसूचित जाति के समुदायों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से शुरू की गई एक अन्य प्रमुख पहल है। उन्होंने कहा कि यह योजना गरीबी कम करने, रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने, अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास और स्कूली तथा उच्च शिक्षा में अनुसूचित जाति के छात्रों की भागीदारी बढ़ाने पर केंद्रित है।

केंद्रीय मंत्री ने मई 2026 में पीएम-अजय मोबाइल एप्लिकेशन और पोर्टल के शुभारंभ का भी उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य योजना के कार्यान्वयन को कागजी प्रक्रियाओं के बजाय रियल-टाइम डिजिटल वर्कफ़्लो की ओर ले जाना है, जिससे निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिले।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने ‘नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ शपथ’ दिलाई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने भारत को नशा-मुक्त देश बनाने के लिए नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ़ काम करने और नशीले पदार्थों के शिकार लोगों के कल्याण व पुनर्वास के लिए काम करने का संकल्प लिया।
डॉ. वीरेंद्र कुमार ने सीड, नमस्ते और पीएम-अजय योजनाओं के लाभार्थियों के साथ बातचीत की। मंत्री महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार का उद्देश्य केवल कल्याणकारी योजनाओं का कार्यान्वयन करना ही नहीं, बल्कि अवसरों को बढ़ाना और समुदायों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि सशक्त महिलाएं, परिवार और समुदाय ही आत्मनिर्भर और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं।
स्वतंत्रता दिवस समारोह की पूर्व संध्या पर, केंद्रीय मंत्री ने इन पहलों से जुड़े सभी लाभार्थियों और हितधारकों को बधाई दी और उनकी कड़ी मेहनत, प्रतिभा और आत्मविश्वास को राष्ट्र की महत्वपूर्ण ताकत के रूप में स्वीकार किया।
केंद्रीय मंत्री ने एक ऐसे भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया जहां प्रत्येक नागरिक को समान अवसर मिलें और हर समुदाय राष्ट्र-निर्माण में अपनी पूरी क्षमता के साथ योगदान दे सके। उन्होंने सरकार के इस संकल्प को दोहराया कि विकसित भारत @2047 की यात्रा में कोई भी व्यक्ति पीछे न छूटे और प्रत्येक नागरिक को सम्मान व समान अवसर मिलें।
