केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने बसोया की गिरफ़्तारी की जानकारी साझा करते हुए कहा – मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों को ढूंढ-ढूंढ कर वापस ला रही
मोदी सरकार Ruthless Approach के साथ ड्रग्स तस्करों के पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही
‘Operation GLOBAL-HUNT’ के तहत भारत वापस लाया गया वांछित अंतर्राष्ट्रीय ड्रग तस्कर वीरेंद्र सिंह बसोया
Top to Bottom और Bottom to Top अप्रोच के जरिए हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित किया कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय कानून की पकड़ से बच नहीं सकते
PIB Delhi
नशीले पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने दिल्ली के सरोजिनी नगर इलाके के पिलंजी के रहने वाले और वांछित भगोड़े वीरेंद्र सिंह बसोया (उर्फ़ वीरू उर्फ बसोया) को भारत वापस लाने में सफलता प्राप्त की है। आज सुबह नई दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर पहुँचने पर उसे हिरासत में ले लिया गया।
NCB के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड नोटिस के आधार पर बसोया को जून 2026 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में गिरफ़्तार किया गया था। भारतीय एजेंसियों ने UAE के अधिकारियों के साथ लगातार तालमेल बिठाकर उसकी भारत वापसी सुनिश्चित की।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कहा, “मोदी सरकार विदेशों में छिपे ड्रग तस्करों का लगातार पता लगा रही है और Ruthless अप्रोच अपनाते हुए उनके पूरे नेटवर्क को खत्म कर रही है। नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए NCB ने UAE से फ़रार ड्रग किंगपिन वीरेंद्र सिंह बसोया की वापसी सुनिश्चित की। अपराधी का पता लगाने के लिए ‘टॉप टु बॉटम’ और ‘बॉटम टु टॉप’ अप्रोच के ज़रिए, हमारी एजेंसियों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि ड्रग तस्कर चाहे कहीं भी छिप जाएं, वे भारतीय क़ानून की पकड़ से बच नहीं सकते।”
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मामले का विवरण
यह मामला फरवरी 2024 में पुणे में शुरू हुआ, जब पुणे सिटी पुलिस ने 500 ग्राम मेफेड्रोन ज़ब्त किया। इसके बाद ड्रग तस्करी के पूरे नेटवर्क की पहचान और उसे खत्म करने के लिए Top to Bottom और Bottom to Top तक की रणनीति अपनाते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया। बाद की जांच और कार्रवाई के दौरान पुणे से लगभग 867 किलोग्राम और दिल्ली से 970 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद किया गया, जिससे कुल बरामदगी लगभग 1,837 किलोग्राम मेफेड्रोन हो गई। इसके बाद मामले को आगे की जांच के लिए NCB की मुंबई ज़ोनल यूनिट को सौंप दिया गया।
जांच में बसोया की पहचान एक अहम विदेशी ऑपरेटिव और कथित साज़िशकर्ता के तौर पर हुई है। वह विदेश से सिंडिकेट की गतिविधियों को कोऑर्डिनेट करता था और भारत से दूसरे देशों में मेफेड्रोन की खेप भेजने में मदद करता था। दिल्ली में बरामद हुई लगभग 970 किलोग्राम मेफेड्रोन की एक बड़ी खेप, कथित तौर पर उसके जुड़े हुए कूरियर चैनलों के ज़रिए एक्सपोर्ट करने की तैयारी से संबंधित थी। उसकी भूमिका घरेलू मैन्युफैक्चरिंग और तस्करी नेटवर्क को विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन चैनलों से जोड़ने वाली एक अहम कड़ी के तौर पर सामने आई।
बसोया का नाम इंटरनेशनल कोकीन तस्करी से जुड़े दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के एक अलग मामले में भी सामने आया है। अक्टूबर 2024 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ड्रग तस्करी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया। इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली, हापुड़ और गाजियाबाद में गोदामों और अन्य जगहों के साथ-साथ गुजरात के अंकलेश्वर में एक फैक्ट्री से भी भारी मात्रा में ड्रग्स ज़ब्त किए गए। इन मिले-जुले ऑपरेशन्स में 1,300 किलोग्राम से ज़्यादा कोकीन, मेफेड्रोन और हाइड्रोपोनिक वीड बरामद की गई। गिरोह की जांच से पता चला कि कोकीन और अन्य ड्रग्स की खरीद, ट्रांसपोर्ट, स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन के काम को मैनेज करने में बसोया की कथित भूमिका थी।
बसोया की वापसी NCB के ‘ऑपरेशन ग्लोबल-हंट’ (Operation GLOBAL-HUNT) के तहत की जा रही लगातार कोशिशों का हिस्सा है। इस ऑपरेशन को विदेशों से काम करने वाले बड़े ड्रग तस्करों और भगोड़ों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें पकड़ने के लिए शुरू किया गया था। यह पहल इंटरपोल रेड नोटिस (INTERPOL Red Notices) जैसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तरीकों का इस्तेमाल करती है और भारतीय व विदेशी कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के साथ ऑपरेशनल तालमेल को मजबूत करती है। इससे पहले तुर्की से मोहम्मद सलीम डोला और मलेशिया से नवीन चिचकर जैसे अन्य वांछित ड्रग तस्करों की सफल वापसी भी इस पहल के तहत बड़ी उपलब्धियां थीं।
अपने अपराधों के लिए कानूनी कार्रवाई का सामना करने हेतु भगोड़ों को भारत वापस लाना केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा जारी ‘ड्रग कंट्रोल विज़न डॉक्यूमेंट (2026–2029)’ के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में एक कदम है। इस रोडमैप के तहत, अन्य राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एजेंसियों के साथ मिलकर काम करते हुए, विदेशों से काम कर रहे नशीले पदार्थों से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण भगोड़ों की पहचान करने, उनका पता लगाने और उन्हें वापस लाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में NCB ड्रग तस्करी के खिलाफ भारत सरकार की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
NCB ड्रग्स के बड़े सरगनाओं, फाइनेंसरों, हैंडलरों और भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी, चाहे वे भारत से काम कर रहे हों या विदेश से; साथ ही, नशीले पदार्थों की तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेगी।
